
Child welfare committee reached Kasturba Gandhi Vidyalaya
कासगंज। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ हुए फूड पॉइजनिंग के मामले में बाल कल्याण समिति कासगंज की टीम विद्यालय में पहुंची, जहां टीम ने छात्राओं, वार्डन और खाना बनाने वाली रसोइया के बयान दर्ज किए। इस बीच फूड पॉइजनिंग से जूझ रही छात्राओं ने वार्डन पर जान बूझकर चाय ब्रेड में विषाक्त पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया है।
ये है पूरा मामला
छात्राओं के साथ सनसनीखेज मामला सहावर तहसील क्षेत्र के फरौली कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का है। बीती सोेमवार की शाम विद्यालय में 42 छात्राओं की चाय ब्रेड खाने पीने के बाद हालात खराब हो गई थी। जिसके बाद 27 छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल कासगंज में भर्ती कराया गया था। उनमें से तीन छात्राओं की हालत अब भी खराब है और उन्हें अलीगढ़ मेडिकल काॅलेज भेज दिया गया है। छात्राओं के साथ हुई इस घटना की जांच करने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आशा राठौर अपनी टीम के साथ विद्यालय पहुंचीं और छात्राओं के बयान दर्ज किए।
पैर दबवाती थी वार्डन
छात्रा हिमांशी ने बताया कि विद्यालय की पांच बहनें वार्डन की गुलामी करती थीं। उनके पैर दबवाती थीं। कपड़े धुलवाती थीं। वार्डन मैम खुद छुटटी पर चली गईं और इन बहनों से चाय में नशीली गोली डलवा दी, जिससे सबकी हालत खराब हो गई। वार्डन मैम अन्य छात्राओं का भी उत्पीड़न करती थीं।
फफक फफक रोई रसोइया
जब समिति के टीम ने रसोइया ललिता के बयान दर्ज किए तो वह हाथ जोड़कर बुरी तरह फफक पड़ी। उसने कहा कि वार्डन मैम खुद बच्चों से कराती हैं, और मुझ पर आरोप लगाती हैं। निरीक्षण के बाद आशा राठौर ने बताया कि वार्डन सरिता शर्मा हैं, जोकि बहुत बड़ी लीडर हैं। बच्चों और स्टाफ पर पूरा दबाब रखती हैं। दो बच्चियों से पॉइजन डलवाया था। उनकी हालत खराब बनी हुई है। सरिता पैर दबवाती थी, सिर दबवाती थी, कपड़े धुलवाती थी और पास सुलाती थी।
Published on:
17 May 2018 02:43 pm
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