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बेमौसम बारिश ने तोड़ दी किसानों और मवेशियों की कमर

खेतों में गिरी खड़ी फसल, किसानों के चेहरे पर मायूसी

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कासगंज। जिले में बेमौसम झमाझम बारिश किसानों के लिए आफत साबित हुई है। किसानों की हजारों बीघा मक्का की पकी फसल बर्बाद हो गई। सिकंद्ररपुर वैश्य थाना इलाके के एक गांव में मकान की लेंटर गिरने से दो पशुओं की मौत हो गई। दो युवतियां भी मलबे में दबकर घायल हो गई। दोनों गंभीर घायल युवतियों को मलबे से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों की माने तो उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है इस बारिश से। पिछले कई दिनों से उमस अधिक होने से क्षेत्र के लोग परेशान थे। इस बार बारिश कम होने से धान की फसल के साथ ही साथ मवेशियों के लिए चारे का संकट हो सकता है। बारिश होने से मक्के और चरी की खड़ी फसल गिर गई है। इससे चारा सड़ सकता है। चारे के साथ ही साथ मक्के के पैदावार पर भी असर पड़ेगा।

IMAGE CREDIT: patrika

अचानक गिरा लिंटर

उधर लगातार हुई 18 घंटे की झमाझम बारिश से पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव गढिया सनौड़ी में अचानक मकान को लिंटर गिर गया। इस हादसे में जयनरायन की तीन भैंसों की दबकर मौत हो गई, जबकि उनकी दो बिटिया पूजा और मंजू भी मलबे में दबकर चुटैल हो गई, दोनों को एबुलेंस से पटियाली स्वास्थ्य केेन्द्र में लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया।

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रोने लगे किसान

आपको बतादें कि बीते 18 घंटों से लगातार हुई झमाझम बारिश से अन्नदाताओं के लिए किसी आफत से कम नहीं है। किसानों के खेत में कटी हुई मक्का की फसल बारिश से सड़ रही है, तो खड़ी मक्का बाजार की फसल पसर गई। जिससे किसान चिंतित है और खेत में बैठकर सिर पर हाथ रखकर फसल बर्बादी का मंजर देख रहा है। नगला भम्मी के किसान हीरालाल से पूछ गया तो वह अपना दुखड़ा रोने लगे। बोले बड़ी मुश्किल से इस खेती को पकाया, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने संजोए अरमानों को नष्ट कर दिया। बारिश से किसानों को मायूसी हाथ लगी है।