
lord vishnu
भगवान विष्णु समस्त लोकों के पालनहार हैं। उनके भक्त वैष्णव कहलाते हैं| वे अपने आराध्य को कहीं जगन्नाथ भगवान के रूप में तो कहीं कृष्ण के रूप में तो कहीं पदमनाभ स्वामी के रूप में तो कहीं रंगनाथ स्वामी के रूप में पूजते हैं। | इन सभी देवताओ का आधार लक्ष्मी पति विष्णु ही हैं|
भगवान विष्णु का विशेष दिन गुरुवार को माना जाता है| इन्हें सत्य नारायण भगवान के नाम से इस दिन व्रत और पूजा की जाती है| वर्तमान में जारी चातुर्मास, एकादशी, द्वादशी व पूर्णिमा तिथियों पर भगवान विष्णु की भक्ति, श्रीविष्णु मंत्र ध्यान के जरिए बड़ी मंगलकारी मानी गई है।
भगवान विष्णु को समर्पित मुख्य मंत्र-
शांता कारम् भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसदृश्यम मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनम योगिभिर्ज्ञानगम्यम्।
वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम।।
मंत्र का अर्थ : जिस हरि का रूप अति शांतिमय है जो शेष नाग की शय्या पर शयन करते हैं | इनकी नाभि से जो कमल निकल रहा है वो समस्त जगत का आधार है| जो गगन के समान हर जगह व्याप्त हैं, जो नील बादलों के रंग के समान रंग वाले हैं| जो योगियों द्वारा ध्यान करने पर मिल जाते है, जो समस्त जगत के स्वामी है, जो भय का नाश करने वाले है | धन की देवी लक्ष्मी जी के पति हैं, ऐसे प्रभु हरि को मैं शीश झुकाकर प्रणाम करता हूँ |
प्रस्तुतिः डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित, प्राध्यापक, केए कॉलेज, कासगंज
Published on:
01 Nov 2018 06:52 am
