
सट्टा
कासगंज। उत्तर प्रदेश का जिला कासगंज चंदन गुप्ता हत्याकांड के कारण ही बदनाम नहीं है। सट्टा के अवैध कारोबार के लिए भी कासगंज कुख्यात है। तीन लोगों की हत्या के बाद भी सट्टा कारोबार दिन दूनी रात चौगुनी गति के साथ फैल रहा है। इस सट्ट कारोबारको समाप्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने सिंह ने अनोखा अभियान शुरू किया है।पहले उन्होंने पुलिस कार्यालय में सटोरियों को बुलाकर समझाया। उनसे सट्टा न लगाने का संकल्प लिया। शनिवार की रात्रि में शहर में मुनादी कराकर कड़ी चेतावनी दी है कि या तो सट्टा बंद कर दें अन्यथा बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जड़ से समाप्त करने की पहल
आपको बता दें कि कासगंज जिले में सट्टे के अवैध कारोबार को लेकर कई जिदंगिया बर्बाद हो चुकी हैं। सौरभ ठाकुर, बॉबी जैन, सतीश खटका की जाने चली गई। इसके बावजूद सट्टे का अवैध कारोबार गली मोहल्लों में अमरबेल की तरह फैलता चला गया। जिले में नासूर बनते जा रहे सट्टा-जुआ के कारोबार को पुलिस कप्तान अशोक कुमार सिंह ने जड़ से समाप्त करने की पहल की है। पहले सटोरियों को अखबार के माध्यम से चेतावनी दी कि कासगंज पर मेहरबानी बनाए रखो। बाद में उन्होंने सटोरियों को पुलिस कार्यालय में बुलाकर दरबार सजाया और उनसे संकल्प लिया कि न सट्टा जुआ करेंगे और न दूसरों को करने देंगे। इसके बावजूद बडे सटोरियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। ये पुलिस कप्तान द्वारा सजाये गये सटोरियों के दरबार में नहीं पहुंचे थे। उन्हें तो थाना स्तर पर सेटिंग कर अपना पैसा कमाना है।
गलियों में कराई मुनादी
इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने सदर क्षेत्राधिकारी (सीओ) गवेंद्र पाल, पुलिस और पीएसी के साथ शहर के मोहल्लों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराकर अंतिम चेतावनी दी कि अगर जुआ सट्टा बंद करो , अन्यथा बड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस मुनादी का सट्टा-जुआ कारोबारियों पर कितना असर पड़ेगा, ये आने वाला समय बतायेगा।
Published on:
27 Oct 2018 09:20 am
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