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स्वच्छ भारत मिशन: शौचालयों में कूड़ा, खुले में कर रहे शौच

प्रधान ने नहीं बनवाए शौचालय, लाभार्थियों को 800 ईंट, एक गेट, तीन बोरी सीमेंट, आठ बोरी बालू, एक सीट दी, डीएम ने दिया जांच का आदेश

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Swachh bharat mission

Swachh bharat mission

कासगंज। प्रशासन स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा कर नगर और गांवों को खुले में शौचमुक्त कराने का सपना देख रहा है। इस योजना में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी जमकर सरकारी पैसे का बंदरबांट करते देखे जा सकते हैं। शौचालय में अनियमितताओं का ताजा मामला कासगंज जनपद के समीपवर्ती गांव गंगावास में देखने को मिला। जहां शौचालय बनावाने के नाम पर ग्राम प्रधान ने शासन से मिलने वाली धनराशि को अपने कब्जे में ले लिया। मात्र चंद रुपये में बिना गड्ढे के शौचालय बनवाकर तैयार करा दिया।

चलाया जा रहा अभियान
कासगंज जिले में स्वच्छता के लिए चलाये जा शौचालय मुक्त अभियान को बुरी नजर लग गई है। जिला प्रशासन की सख्त हिदायत के बावजूद प्रधान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। इसके चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता अभियान पूरी तरह से फेल होता जा रहा है। हम बात कर रहे कासगंज विकास खंड क्षेत्र के गांव गंगावास की। गांव में मात्र 10 शौचालय तो बनाए गए हैं, जिसका उपयोग करना ही ग्रामीणों के लिए असंभव हो रहा है।

हाथों में बोतल और लोटा लेकर जाते हैं ग्रामीण
ग्रामीण प्रशासन की लाख कवायद के बावजूद भी हाथों में बोतल, लोटा लेकर आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है। जब हमने ग्रामीणों ने जानकारी की तो उन्होंने बताया कि गांव में ग्राम प्रधान प्रथम सिंह ने10 शौचालय तो बनवाये हैं, लेकिन शौचालय गुणवत्तापरक नहीं है। प्रधान ने शासन से मिलने वाली धनराशि 12 हजार रुपये को अपने कब्जे में ले लिया और लाभार्थियों को 800 ईंट, एक गेट, एक सीट के अलावा तीन बोरी सीमेंट दिया है। ग्रामीणों ने शौचालय में कूड़ा कबाड़ भरकर बंद कर दिया है। जिला प्रशासन ने बीते दिन सहावर थाना क्षेत्र के गांव म्यासुर के ग्राम प्रधान रामलाल को जेल भेज दिया है। इसके बावजूद ग्राम प्रधानों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का कोई डर नहीं है।

ग्राम प्रधान ने दी सफाई
जब हमने गंगावाश के ग्राम प्रधान प्रथम सिंह से ग्रामीणों द्वारा लगाये जा रहे आरोपों के बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि आठ सौ ईंटे, चार बोरी सीमेंट, एक सीट, एक गेट दिया है। जिससे ग्रामीण अपने मनमुताबिक शौचालय बनवा सके।

कैसे होगा शौचालय मुक्त अभियान सफल
खुले में शौच पर प्रतिबंध लगाने के लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवाने की योजना शुरू की। इसके तहत शौचालय बनवाने वाले को 12 हजार रुपये की धनराशि शासन से दी जाती है ताकि कासगंज जनपद ओडीएफ घोषित किया जा सके।

दो अक्टूबर को होना है जिला ओडीएफ घोषित
स्वच्छ भारत अभियान के तहत कासगंज जनपद को ओडीएफ घोषित करने के लिए जिला प्रशासन ने दो अक्टूबर का समय निर्धारित कर दिया है। ग्राम प्रधानों और सचिवों की मनमानी के चलते जिले के अधिकतर ग्राम पंचायतो में शौचालयों का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

ये कहना है जिलाधिकारी का
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जनपद के सोरों ब्लॉक, कासगंज ब्लॉक, पटियाली ब्लॉक में नौ हजार शौचालय बनने है। 90 प्रतिशत शौचालय बन चुके है। गंगावास गांव के बारे में बताया कि शौचालय में अनिमितताओ का मामला संज्ञान में आया है। जांच पड़ताल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।