कटनी. भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े कटनी नदी पुल के पुनर्निर्माण का आस बंध गई है। रविवार को मध्यप्रदेश सेतु निगम के अधिकारी, तोडऩे वाली एजेंसी व ठेकेदार ने पुल का दौरा किया और उसे तोडऩे की योजना बनाई। जानकारी के अनुसार मप्र सेतु निगम के कार्यपालन यंत्री पीएस परिहार, ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग इंजीनियर बलजेंदर सिंह रायपुर व ठेकेदार रामसज्जन शुक्ला रविवार की दोपहर कटनी नदी पुल पहुंचे। इंजीनियर को बारीकी से टूटे हुए स्लैब को दिखाया गया। बता दें कि अब पुल को तोड़कर नयाबनाया जाना है। स्लैब तोडऩे वाली एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनैती जिससे शहर का आवागमन हो रहा है पुराने पुल को बचाना है। पुल की ऊंचाई अधिक होने शहर के बीच में है इस कारण बड़ी दिक्कत होगी। बता दें कि पिछले 11 साल से कटनी नदी का पुल बन रहा है। करोड़ों रुपर्ये खर्चने के बाद भी पुल नहीं बना। सेतु निगम के इइ योगेश वत्सल, इंजीनियर आर खरे सहित अन्य अधिकारियों की बेपरवाही सहित ठेकेदार द्वारा मानकों का पालन न करने से पुल का स्लैब धंसक गया और जर्जर पुल से आवागमन करने शहर के लोग परेशान हैं।
यह है मामला
24 जुलाई को कटनी नदी पर 4 करोड़ से अधिक का निर्माणाधीन एक हिस्से का पुल तेज धमाके के बाद धंसक गया। इससे हड़कंप की स्थिति बन गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने तत्काल सेतु निगम के चार अधिकारियों को निलंबित कर जांच बैठाई। 27 जुलाई को मुख्य अभियंता भोपाल एआर सिंह के नेतृत्व में जांच हुई। जांच रिपोर्ट आई, जिसमें ठेकेदार और तत्कालीन सेतु निगम के इंजीनियों की बेपरवाही सामने आई। बता दें कि नदी में 2008 से पुल निर्माणाधीन है और अबतक एक हिस्से का भी काम पूरा नहीं हुआ था और बड़ा हादसा हो गया।
इनका कहना है
पुल के स्लैब को तोडऩे के लिए निरीक्षण किया गया है। रायपुर की एजेंसी पुल को सावधानी पूर्वक तोड़ेगी, ताकि पुराना पुल प्रभावित न हो। इसके अलावा कोई हादसा न हो।
पीएस परिहार, कार्यपालन यंत्री मप्र सेतु निगम।