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कैसे पकड़े जाएं डकैत, लुटेरे व चोर जब इस बड़े जंक्शन में जारी है इतनी बड़ी बेपरवाही…

- 15 दिन से जंक्शन के बंद थे कैमरे, कंट्रोल में शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार, दुबे कॉलोनी में डकैती के बाद बैलटघाट होते हुए रेलवे स्टेशन से फरार हुए डकैत- कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबे कॉलोनी में इंजीनियर शैलेष विश्वकर्मा के घर हुई डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था के कई मोर्चों की पोल खोलकर रख दी है। एक ओर जहां कॉलोनी में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखे तो वहीं अपराधियों को पकडऩे के लिए लगा तीसरी आंख का पहरा भी असहाय साबित हुआ। - रेलवे स्टेशन में लगे 15 सीसीटीवी कैमरे महज दिखावा साबित हुए। 15 दिन से अधिक समय से रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिनकी मॉनीटरिंग आरपीएफ पोस्ट से हो रही थी। ये कैमरे बिजली बंद होने की दशा में न तो काम कर रहे थे और ना ही ठीक से चल रहे थे।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jul 09, 2019

CCTV camera shutdown of Katni railway station

CCTV camera shutdown of Katni railway station

कटनी. कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबे कॉलोनी में इंजीनियर शैलेष विश्वकर्मा के घर हुई डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था के कई मोर्चों की पोल खोलकर रख दी है। एक ओर जहां कॉलोनी में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखे तो वहीं अपराधियों को पकडऩे के लिए लगा तीसरी आंख का पहरा भी असहाय साबित हुआ। रेलवे स्टेशन में लगे 15 सीसीटीवी कैमरे महज दिखावा साबित हुए। 15 दिन से अधिक समय से रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिनकी मॉनीटरिंग आरपीएफ पोस्ट से हो रही थी। ये कैमरे बिजली बंद होने की दशा में न तो काम कर रहे थे और ना ही ठीक से चल रहे थे। इस संबंध में कई बार रेल अधिकारियों, जबलपुर आरपीएफ मुख्यालय और आरपीएफ कंट्रोल मुंबई को सूचना भी दी गई, लेकिन सुधार समय पर नहीं हो पाया। आलम यह है कि जब पुलिस डकैतों की सीसीटी कैमरे में तलाश करने के लिए आरपीएफ थाने पहुंची तो उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि सिस्टम बंद रहा।

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मॉनीटर था खराब
बताया जा रहा है कि सीसीटी कैमरों की मॉनीटरिंग के लिए आरपीएफ पोस्ट में लगा मॉनीटर खराब था। कैमरा सिस्टम खराब होने के संबंध में आरपीएफ पोस्ट कटनी द्वारा 10 से 15 बार कंट्रोल को शिकायत की, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। स्टशेन के प्लेटफॉर्म शेडों, फुट ओवर ब्रिज में, प्रवेश द्वार, सीढिय़ों, रिजर्वेशन हॉल सहित अन्य स्थानों पर अपराधियों की निगरानी के लिए कैमरे लगे थे, लेकिन काम ही नहीं कर रहे थे और डकैत आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल गए।

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खास-खास:
- रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर में लगे एक सीसीटीवी कैमरा जो कभी चालू हो रहा था तो कभी बंद उसमेें नजर आया है एक आरोपी।
- 130 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने का तैयार हुआ है रेलवे कॉमर्शियल से प्रस्ताव, अभी तक नहीं शुरू हुआ काम।
- रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों, यात्री प्रतिक्षालयों, सर्कुलेटिंग एरिया में 24 घंटे रहता है असामाजिक तत्वों का जमावड़ा।
- स्टेशनों के आसपास ठहरे व डेरा डालकर रहने वाले बाहरी व्यक्ति को हटाने आरपीएफ और जीआरपी नहीं दिखा रही रुचि।

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इनका कहना है
पिछले कई दिनों से स्टेशन में लगे 15 सीसीटी कैमरे बंद थे। डीबीआर खराब था। बिजली बंद होने पर तो पूरी तरह से बंद हो जाते थे। जबलपुर ऑफिस, रेल अधिकारियों सहित कंट्रोल मुंबई को सूचना दी थी। सोमवार को सुधार के बाद कैमरे चालू हैं।
दिनेश सिंह, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी।
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कैमरे किन कारणों से बंद थे इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कैमरों में कोई दिक्कत है तो उसे ठीक कराया जाएगा। अगस्त माह तक स्टेशनों में सुरक्षा के मद्देनजर और भी सीसीटीवी कैमरे शहर के तीनों स्टेशनों में लगवाए जाएंगे।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।