कटनी. तीन दर्जन से अधिक यात्री ट्रेनों का ठहराव…, प्रदेश और देश की राजधानी से जोडऩे के लिए प्रमुख स्टेशन, ट्रेनों के पहुंचते ही कोच को ढ़ूढऩे के लिए हर समय अफरा-तफरी का माहौल, ट्रेन छूट जाने के डर से गिरते-पड़ते भाग दौड़ करते यात्री, परेशान महिला, बुजुर्ग व दिव्यांग…। यह नाराजा हर समय का रहता है शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन मुड़वारा का। स्टेशन में अधिकांश ट्रेनों का ठहराव होने के बाद भी रेल अधिकारी यात्री सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे। यहां पर कोच इंडीकेटर तो लग गए हैं, लेकिन उनमें सिर्फ केएमजेड व प्लेटफॉर्म ही पूरे समय दर्शाया जाता है। उसमें न तो ट्रेन के आने की जानकारी और ना ही कोच की जानकारी यात्रियों को मिल रही। इतने बड़े स्टेशन में डिस्प्ले बोर्ड का अता-पता नहीं है। स्वीकृति के छह माह बाद भी रेल अधिकारी यात्रियों के लिए व्यवस्था नहीं करा पा रहे। हर माह करोड़ों के राजस्व के बाद भी स्टेशन के विस्तार में रेल अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। यहां पर यात्री समस्याओं से परेशान हैं और रेल अधिकारी अनजान।
बुजुर्ग-दिव्यांग होते हैं परेशान
रेलवे की इस मनमानी का सबसे ज्यादा खामियाजा बुजुर्ग और दिव्यांगों को भुगतना पड़ रहा है। कोच की जानकारी न होने पर ट्रेन के आते ही बुजुर्गों की समस्या बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा वातानुकूलित बोगी को लेकर समस्या होती है। कई बार यह ट्रेनों में आगे तो कई बार पीछे लग जाती है, जिससे यह समस्या होती है। कौन सा कोच कहां पर आएगा इस बात की घोषणा भी नहीं होती।
इनका कहना है
मुड़वारा रेलवे स्टेशन में कोच इंडीकेटर तो लग गए हैं, ठीक ढंग से चालू क्यों नहीं हुए यह दिखवाया जाएगा। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए डिस्प्ले बोर्ड सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं पर काम होगा।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।