नगर निगम की बड़ी बेपरवाही, चौपाटी में क्लीन स्ट्रीट फूड हब को लेकर सामने आया ये मामला

शहर की एकमात्र चौपाटी में लोगों को कई साल से अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। यहां व्यवसाय करने वाले व्यवसासियों को पेयजल समस्या, बारिश के पानी के चौपाटी में जमा होने, गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। चौपाटी के प्रवेश द्वार से लेकर परिसर में अव्यवस्थाओं का आलम है।

By: balmeek pandey

Published: 06 Jan 2020, 12:13 PM IST

कटनी. शहर की एकमात्र चौपाटी में लोगों को कई साल से अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। यहां व्यवसाय करने वाले व्यवसासियों को पेयजल समस्या, बारिश के पानी के चौपाटी में जमा होने, गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। चौपाटी के प्रवेश द्वार से लेकर परिसर में अव्यवस्थाओं का आलम है। एक साल पहले चौपाटी को 'क्लीन स्ट्रीट फूड हब' बनाया जाना था, लेकिन अभी तक इस दिशा में नगर निगम ने काम नहीं किया। कई बार चौपाटी को व्यवस्थित करने योजना तो बन रही है, लेकिन अभी तक व्यवस्थाएं बेहतर नहीं हुई हैं और ना ही यहां पर स्व'छ माहौल है। यहां व्यवासियों का ग्राहकी भी इस कारण प्रभावित हो रही है। व्यवसायियों का कहना है कि यही हाल रहा तो चौपाटी का नाम ही सिर्फ लोगों की जुवान पर रह जाएगा। बारिश होने पर यहां चाट ठेला व अन्य खान पान के स्टॉल में लोगों के रुकने तक की व्यवस्था नहीं होती। ठीक से सफाई न होने के कारण यहां पर दुर्गंध का भी माहौल रहता है।

 

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प्रकाश और पेयजल की भी नहीं सुविधा
चौपाटी में पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। इस कारण कभी उन्हें पानी मुड़वारा स्टेशन के पास से भर कर लाना पड़ता है तो कभी मिशन चौक से। यहां हैंडपंप से पानी भरकर काम चल रहे हैं। वही डिब्बा का पानी खरीदने के लिए 10 रूपये का ढुलाई देनी पड़ती है। चौपाटी में पेयजल की सुविधा मुहैया कराने के लिए कई बार निगम प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन कोई ध्यान इस ओर नहीं दिया गया। वहीं व्यापारियों से बाजार शुल्क बकायदा वसूल किया जा रहा है। रात में रोशनी के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

 

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बनाना था यह जरूरी हब
यहां पर क्लीन स्ट्रीट फूड हब बनाया जाना है। इसको साफ-सुथरा कराकर नालियों को व्यस्थित कराया जाना था। यहां पर धूल नहीं होना चाहिए, साफ पानी की व्यवस्था, स्टॉल व्यवस्थित करने के साथ ही स्टेनलेंस स्टील के लगाए जाने हैं। लकड़ी के स्टॉल नहीं होना चाहिए, इसमें कॉकरोच आदि कीट पैदा होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। यहां पर पर्याप्त संख्या में वॉसबेसिन बनाकर रखना है ताकि सफाई सुधरी रहे। इसके लिए दिल्ली से भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण की टीम को आकर निरीक्षण व ऑडिट करना था, लेकिन अभी तक टीम नहीं आई और न इस दिशा में काम शुरू किया गया।

 

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खास-खास:
- यहां लगने वाले प्रत्येक स्टाल से रोजाना 5 से 10 रूपये बाजर शुल्क वसूला जा रहा है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
- चौपाटी में छाया के लिए शेड आदि की भी व्यवस्था नहीं की गई है। जहां स्टाल व्यवसायी अपने ग्राहकों को सुकून से बैठा सकें, बास बल्ली गाड़कर चलाया जा रहा काम।
- व्यवसायियों ने निगम प्रशासन से कई बार चौपाटी में व्यवस्था दुरूस्त कराए जाने मांग की, लेकिन अबतक नहीं दिया गया ध्यान।
- सब्जी को एकदम साफ रखना हैं, कैंटेनर साफ रखना है, डस्टबिन रखना है, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना, कारोबारियों को व कर्मचारियों को हाथ ग्लब्स पहनकर कर रखना हैं, एप्रेन पहनना है, बालों को ढककर रखना है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा।

इनका कहना है
चौपाटी को व्यवस्थित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनी है। नगर निगम प्रशासक व कलेक्टर ने भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं। शीघ्र ही चौपाटी में तय मानक के अनुसार तैयार कराया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।

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