
जिला अधिवक्ता संघ की बागडोर अमित शुक्ला के हाथों, ये बने उपाध्यक्ष व सचिव
कटनी. जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव 19 मार्च को हुए थे। 36 अभ्यर्थी मैदान में थे। सोमवार को मतों की गणना न्यायालय परिसर स्थित हाल में हुई। चुनाव प्रभारी आरपी चतुर्वेदी ने बताया कि चौक-चौबंद सुरक्षा के बीच मतों की गणना हुई। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमित शुक्ला चुने गए हैं। एड्वोकेट मथुरा तिवारी सचिव बने हैं। सोमवार को पूरे दिन सभी की नजरें अध्यक्ष पद के लिए डाले गए वोटों की गिनती पर लगी हुई थी । पिछले चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले सन्तोष परौहा इस चुनाव में अध्यक्षीय पद पर जीत नहीं कर पाए। भारी कशमकश के बीच सम्पन्न हुए चुनाव में अमित शुक्ला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सन्तोष परौहा को 82 मतों से पराजित कर अध्यक्ष बने। खासबात यह रही कि 15 चक्रों की गिनती में अमित शुक्ला ने अंतिम चक्र तक बढ़त बनाये रखी। अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय संघर्ष की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ती गई उसने साबित कर दिया कि मनोज सोनी परिणाम को त्रिकोणीय बनाने में असफल रहे। अमित शुक्ला को 293 मत, सन्तोष परौहा को 211 मत, मनोज सोनी को 126 मत वोट प्राप्त हुए।
उपाध्यक्ष के लिए चौकाने वाले आंकड़े
सबसे ज्यादा संघर्ष उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला। मतपत्रों की गणना के अंतिम राउंड तक रविन्द्र जायसवाल और निर्मल दुबे के बीच पलड़ा ऊपर नीचे होता रहा। आखिरकार रविन्द्र जायसवाल 16 मतों से विजयी घोषित किए गए। निर्मल दुबे को 162 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। जबकि उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार राजेश लखेरा को 150 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। सचिव के महत्वपूर्ण संघर्षमयी पद पर मथुरा तिवारी ने अपने नजदीकी दावेदार अनादि निगम को 37 वोटों से शिकस्त दी। मथुरा तिवारी को 239 तथा अनादि निगम को 202 वोट मिले जबकि पूर्व सचिव रविन्द्र गुप्ता 141 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
धवल मीत बने कोषाध्यक्ष
इसी तरह कोषाध्यक्ष के त्रिकोणीय संघर्ष में मीत धवल ने मोनू पाण्डेय को 97 मतों से हराकर जीत हासिल की। पूर्व पुस्तकालय प्रभारी रहे दिनेश निगम कोषाध्यक्ष की कुर्सी पाने में असफलरहे । उन्हें 186 मत पाकर तीसरे और अंतिम स्थान पर रहना पड़ा। सहसचिव की कुर्सी पर जीत जायसवाल ने 298 वोट लेकर कब्जा जमाया। वर्षों से पुस्तक विहीन पुस्तकालय प्रभारी की कुर्सी पर सन्दीप नायक ने एक तरफा जीत हासिल की है। सन्दीप नायक को 317 मत मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे विकास कनौजिया को 201 मत मिले। सदस्यीय कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में अजय जायसवाल (479), अनुज तिवारी (499), दुष्यंत गुप्ता (432), रघुवीर सिंह राजपूत (450), रणजीत चौहान (440) श्रीमती मीना सिंह बघेल (482), अंजुला सरावगी (414) की टीम विजयश्री हासिल करने में सफल रही। वीरेन्द्र मिश्रा (308) दौड़ से बाहर हो गए।
ये अधिवक्ता थे मैदान में
बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए अमित शुक्ला, ललित कुमार त्रिपाठी, मनोज कुमार सोनी, राकेश कुमार यादव, संतोष कुमार परौहा, उपाध्यक्ष के लिए अजय कुमार पांडेय, मनोज कुमार गर्ग, निर्मल कुमार दुबे, राजेश कुमार लखेरा, रविंद्र कुमार जायसवाल, सचिव के लिए अनादि निगम, अनिल सिंह सेंगर, मथुरा प्रसाद तिवारी, रविंद्र कुमार गुप्ता, रवि प्रकाश ठाकुर, सह सचिव के लिए बलराम गुप्ता, जीतनारायण जायसवाल, कृष्णकुमार गुप्ता, शारदा त्रिपाठी, सुशील कुमार बडग़ैंया मैदान में थे। इसी प्रकार कोषाध्यक्ष के लिए अभिषेक पांडेय, दिनेश कुमार निगम, मीत धवल, पुस्तकालय प्रभारी नानकराम देवानी, प्रकाश भौमिया, संदीप नायक, विकास कनौजिया व कार्यकारी सदस्य के लिए अजय कुमार जायसवाल, अनुज कुमार तिवारी, अंजुला सरावगी, दुष्यंत गुप्ता, मीनासिंह बघेल, रघुवीर सिंह राजपूत, रणजीत चौहान, वीरेंद्र कुमार मिश्रा मैदान में रहे।
ये चुनौती रहेंगी सामने
इसके अलावा अधिवक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं, अधिवक्ताओं के सम्मान, राजस्व अधिकारियों के बीज सामंजस्य न होना, थानों से ही हो रही केसों में मनमानी, जूनियर्स के हकों की लड़ाई आदि ज्वलंत मुद्दों को हल करने की चुनौती भी नई टीम के सामने रहेगी।
Published on:
23 Mar 2021 09:53 am
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