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एक करोड़ वाला ‘प्रोजेक्ट पंख’ तीन माह से ‘ताले में कैद’

Drone project closed in Katni

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 09, 2024

Drone project closed in Katni

Drone project closed in Katni

520 विद्यार्थियों को दिलाई गई है ट्रेनिंग, बमुश्किल 100 लोगों को ही मिला प्लेसमेंट, भारत की मिनी कंपनी बेसिल को सौंपी गई थी बागडोर
डीएमएफ मद से खर्च किए गए रुपए, पॉलीट्रेक्निक कॉलेज में किया जा रहा था संचालन, पूर्व कलेक्टर अवि प्रसाद ने किया था नवाचार

कटनी. सितंबर 2023 में पूर्व कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा जिले के युवाओं के हाथों को रोजगार व स्वरोजगार दिलाने के नाम पर नवाचार शुरू कराया गया। मिशन ‘प्रोजेक्ट पंख’ चालू कराया गया। इस प्रोजेक्ट में एक करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन बमुश्किल करीब 100 युवाओं को ही प्लेसमेंट से रोजगार मिला। अब जानकर ताज्जबू होगा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट तीन माह से ताले में कैद है। इसे चालू कराने के लिए जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
जानकारी के अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान एवं जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के संयुक्त प्रयास से प्रोजेक्ट पंख शुरू किया गया। इस प्रोजेक्ट में खनिज प्रतिष्ठान मद से एक करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस प्रोजेक्ट में लगभग 6 माह तक चली ट्रेनिंग में 520 युवक-युवतियों को विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग कराई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्लेसमेंट के लिए बाहर से कंपनियां भी आईं। प्रोजेक्ट से प्रशिक्षण हुए 125 युवाओं को ही प्लेसमेंट मिल पाया है। शेष अब स्वरोजगार की तलाश में हैं। इस प्रोजेक्ट की बागडोर जिला प्रशासन द्वारा भारत सरकार की मिनी कंपनी बेसिल को सौंपी गई थी। जिस तरह से प्रोजेक्ट के शुरू होने पर सुर्खियां बंटोरी, रुपए खर्च किए उसके अनुरूप सार्थक परिणाम सामने नहीं आए और अब तो जून माह से प्रोजेक्ट ही बंद पड़ा है।

अब होनी थी यह ट्रेनिंग
पहले बैच का प्रशिक्षण खत्म होने के बाद फिर से इसको आगे बढ़ाने के लिए पहल शुरू होनी थी। माइनिंग के क्षेत्र में युवक-युवतियों को एडवांस ड्रोन ट्रेनिंग दी जानी थी। इसके लिए सर्वे, रेस्क्यू, प्लांटेशन, खदानों की मैपिंग, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के लिए टे्रनिंग दी जानी थी, डीएमएफ मद से फिर यह प्रोजेक्ट स्वीकृत है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रुचि न लिए जाने व तकनीकी कारणों के चलते प्रोजेक्ट दम तोड़ रहा है। जनप्रतिनिधि भी इस प्रोजेक्ट की कोई खोज-खबर नहीं ले रहे।

इसलिए की गई थी पहल
दुनिया भर में ड्रोन तकनीक के उपयोग का प्रचलन बढ़ता देखकर कटनी जिले ने भी ड्रोन तकनीक के अभिनव नवाचार को अपनाकर युवाओं के लिए सृजन और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से भविष्य निर्माण के लिए प्रोजेक्ट पंख शुरू कराया गया था। युवाओं को ड्रोन के विविध उपयोगों एवं तकनीकी कौशल का आधारभूत प्रशिक्षण देकर तकनीक की मुख्य धारा मे जोडऩे पहल की गई थी। जिले को ड्रोन सेक्टर में प्रशिक्षित मानव संसाधन का हब बनाने की दिशा में कलेक्टर द्वारा दावा किया गया था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट की हवा निकल गई है।

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खास-खास

  • 4 सितंबर 2023 को तत्कालीन कलेक्टर ने प्रोजेक्ट की मंशा को रखा था सामने।
  • 8 सितंबर 2023 से शुरू हुई थी ट्रेनिंग के लिए युवाओं से आवेदन लेने की प्रक्रिया।
  • 100 दिवस का एक बैच को प्रशिक्षण देने बनाई गई थी प्रोजेक्ट पंख की योजना।
  • तकनीक की ट्रांसपोर्टेशन, एग्रीकल्चर, सूचना, प्रसारण में बताई गई महत्वपूर्ण भूमिका।
  • अत्याधुनिक संसाधनों और सुविधाओं से युक्त लैब व प्रशिक्षण कक्ष किया है तैयार।
  • लैब में मैपिंग, सर्विलांस एवं एग्रीकल्चर सेक्टर में उपयोग होने वाले ड्रोन है स्थापित।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से स्वचालित उड़ान वाला ड्रोन भी था प्रदर्शित।
  • अबतक चले प्रोजेक्ट की भी हों जांच, कितनों को मिला वास्तविक लाभ।

29 सितंबर से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
जानकारी के अनुसार 240 युवक-युवतियों के बैच के साथ 29 सितंबर से यह प्रोजेक्ट पॉलीटेक्निक कॉलेज में शुरू हुआ था। मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता पटेल की मौजूदगी में कलेक्टर ने प्रोजेक्ट शुरू कराया था। इस कार्यक्रम में खजुराहो-कटनी सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी वर्चुअली संबोधित किया था।

वर्जन
कुछ माह के लिए ड्रोन प्रोजेक्ट संचालित हुआ है, इसके माध्यम से कुछ लोगों की ट्रेनिंग हुई है। मामले को दिखवाया जाएगा। सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा, इसके बाद जो तथ्य निकलकर आएंगे उसी के आधार पर चालू करने का निर्णय लिया जाएगा।
दिलीप कुमार यादव, कलेक्टर।