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पांच दोस्तों की मौत की जांच के लिए एफएसएल सागर भेजे जाएंगे सैंपल

परिजनों ने जताई करंट लगने से मौत होने की आशंका, अब डायटम टेस्ट के लिए सागर भेजा जाएगा सैंपल

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कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र के देवराखुर्द गांव में करीब एक माह पहले जन्मदिन की पार्टी मना रहे 5 नाबालिग दोस्तों की नदी में डूबने से हुई मौत को लेकर परिजनों ने बुधवार को सीएसपी से मिलकर एक बार फिर जांच की मांग की। परिजनों ने डूबने से नहीं बल्कि करंट लगने से मौत होने की आशंका व्यक्त की है। कलेक्टर-एसपी से शिकायत करने के बाद पांचों परिवारों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। मांग की गई है कि मौत के कारणों की उच्चस्तरीय जांच की जाए। दूसरी और हादसे के दो माह बाद भी प्रशासन ने अब तक सभी पीडि़त परिजनों को राहत राशि जारी नहीं की है।
17 अक्टूबर को हुए इस हादसे को लेकर मृत नाबालिगों के पिता सोनेलाल विश्वकर्मा, कमलेश विश्वकर्मा, ब्रजमोहन सिंह, शिवचरण चक्रवर्ती व मृतक के दादा अनंतराम सोनी ने बताया कि हम सभी को बच्चों की मौत पर संशय है। सभी बच्चे तैरना जानते थे और सभी की डूबने से ही मौत हो गई। किसी भी बच्चे की बॉडी कई घन्टे पानी में रहने के बाद भी नहीं फूली। पोस्टमार्टम में भी बॉडी से पानी नही ंनिकला। पुलिस ने भी इस गंभीर हादसे की जांच को सिर्फ डॉक्टर से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अंतिम रूप दे दिया और प्रिजर्व किए गए बोन फीमर (जांघ की हड्डी) को एक्सपर्ट से जांच के लिए नही भेजा।

करंट से मौत की इसलिए आशंका
परिजनों ने बताया कि नदी में जिस स्थान पर बच्चे डूबकर मृत हुए है वहां से बिजली तार भी गुजरी हुई है। सिंचाई के लिए पम्प नदी में डाले जाते हैं। कई बार मछली मारने के लिए करंट भी लगाया जाता है। परिजनों ने कहा कि संभवत: इसी से करंट के लगने से बच्चों की मौत हुई है।

पीएम रिपोर्ट में डूबने से मौत होना आया सामने
जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों ने किया था। दोनों डॉक्टरों ने पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट करते हुए पानी में डूबने से होना बताया। पुलिस अफसरों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट में स्पष्ट अभिमत न मिलने पर ही सैम्पल जांच के लिए भेजने का प्रावधान है।

ये है मामला
17 अक्टूबर की दोपहर देवराखुर्द के पांच दोस्त आयुष विश्वकर्मा पिता कमलेश विश्वकर्मा (16) निवासी देवरा का जन्मदिन मनाने गए थे। पांचों ने मिलकर मैगी आदि बनाकर खाया और फिर नदी में उनके शव मिले। हादसे में महपाल सिंह पिता ब्रजमोहन सिंह (15), शाहिल चक्रवर्ती पिता शिवचरण चक्रवर्ती (15), सूर्या विश्वकर्मा पिता सोने लाल (15), आयुष विश्कर्मा पिता कमलेश विश्कर्मा (13) व अनुज सोनी पिता मनोज सोनी (13) सभी निवासी देवरा की मौत हो गई थी।

देवराखुर्द में पांच नाबालिग बालकों की मौत के मामले में 5 में से 2 परिवारों को मुआजवा राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों को भुगतान किया जा रहा है। कोषालय से बुधवार रात या गुरुवार तक भुगतान हो जाएगा।
अवि प्रसाद, कलेक्टर

परिजनों ने करंट लगने से मौत होने की आशंका व्यक्त करने हुए डायटम टेस्ट कराने की मांग की है। सैम्पल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच के लिए पत्र भी भोपाल प्रेषित किया जाएगा।
सुनील कुमार जैन, एसपी