-धूमधाम से मना गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व-आज ही के दिन हुआ था गुरुनानक देव जी जन्म-गुरु नानक देव जी ने विश्व को दिया निस्वार्थ सेवा का संदेश
कटनी. 1469 ई. में सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। उनका जन्म राय भोई की तलवंडी नाम के गाओं में हुआ था। हालांकि, ये जगह अब पाकिस्तान में मौजूद ननकाना साहिब में है। इस संबंध में श्री गुरु सिंह सभा कटनी के सचिव तेजपाल सिंह भाटिया ने बताया कि, 'गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, किरत करो और वंड छको का फलसफा दिया था, जिसपर कौम ने अमल किया।' कोरोना काल के दौरान पूरे विश्व के लोगों ने देखा कैसे सिख कौम ने सभी वर्ग के लोगों के लिए निःस्वार्थ सेवा की है और इसी सेवा भाव के संदेश को हमें आगे लेकर जाना है।
प्रकाश पर्व के उपलक्ष में श्री गुरु सिंह सभा कटनी द्वारा पिछले महीने भर से विविध कार्यकमो के आयोजन किया गए, जिसमें अखंड पाठ साहिब की लड़ी, दस दिवसीय प्रभात फेरी, वाहन रैली, नगर कीर्तन एवं आज प्रकाश पर्व के दिन कीर्तन समागम और विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरुसाहब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुनानक देव जी के उपदेशों से जुड़ने की प्रेरणा
प्रकाश पर्व के अवसर पर पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्था भाई साहब भाई सुखविंदर सिंह रतन जी ने अपना मनोहर कीर्तन प्रस्तुत कर लोगों को गुरु नानक देव जी के उपदेशों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
ये सदस्य रहे मौजूद
इस उपलक्ष पर प्रधान गुरुचरण सिंह खुराना, तेजपाल सिंह भाटिया, बाबू टुटेजा, जसप्रीत सिंह लम्बा, हरजीत सिंह खुराना, मंजीत सिंह हुंजन, सतवीर सिंह भाटिया, जसपाल सिंह मांगट, दिविंदर पाल सिंह लम्बा, अर्जुन सिंह बाजवा, रिंकी खालसा, लकी खालसा, हनी बाजवा, दारा विर्दी, मंटू लम्बा, लकी ग्रोवर आदि कि विशेष उपस्थिति रही।