
Use of VVPat machine in election
कटनी. मतदान को जब जागरुकता से जोड़कर देखा जा रहा हो और लोग मानने लगे हों कि जो मतदान करता है वह जागरुक नागरिक है। तो जानकर ताज्जुब होगा कि इस मामले में कटनी जिले के गांव शहर से कहीं आगे हैं। 2013 विधानसभा चुनाव में 60 प्रतिशत से कम मतदान वाले मतदान केंद्रों की सर्वाधिक संख्या 40 मतदान केंद्र कटनी मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र में रही। इसमें ज्यादातर मतदान केंद्र शहर के हैं। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में विधानसभा विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद में महज एक-एक मतदान केंद्र में ही 60 प्रतिशत से कम मतदान हुआ। बड़वारा में ऐसे केंद्रों की संख्या महज 8 ही है। मतदान में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों। इसके लिए जिला प्रशासन जागरुकता पर विशेष ध्यान दे रहा है। इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रशासन का पूरा फोकस वोटर टर्न आउट बढ़ाने पर है। 2013 विधानसभा चुनाव में जिले के चारो विधानसभा में 72.4 प्रतिशत मतदान की तुलना में इस बार 83 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरा ध्यान जागरुकता पर है।
खासबात यह है कि इस बार लोग जब मतदान करने जाएंगे तब वे एक नई मशीन से रुबरु होंगे। इस मशीन का नाम है वीवीपैट। जागरुकता के मामले में जिला प्रशासन के लिए इस बार वीवीपैट मशीन भी बड़ी चुनौती है। इस मशीन में वोटिंग के बाद मतदाता सात सेकेंड के अंदर देख सकेंगे कि उन्होंने जिसे मतदान किया वोट उसी को गया है या नहीं। चूकि यह प्रयोग पहली बार हो रहा है कि इसलिये इस बारे में मतदाताओं को मतदान से पहले से पूरी जानकारी दी जा रही है।
वोटर टर्न आउट बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने जिले भर में चारो विधानसभा में कहां कितना प्रतिशत मतदान हुआ इसकी जानकारी पहले से एकत्र की है। इसमें 60 प्रतिशत से कम, 60 से 70 प्रतिशत, 70 से 80 प्रतिशत और 80 प्रतिशत से अधिक कैटेगरी में मतदान केंद्र की संख्या की बात करें तो बड़वारा में क्रमश: 8, 74, 140 व 22 मतदान केंद्र, विजयराघवगढ़ में 1, 27,123 व 70, मुड़वारा विधानसभा में 40, 95, 75 व 9 मतदान और बहोरीबंद में 1, 23, 123 व 88 मतदान केंद्र शामिल हैं।
जिला पंचायत के सीइओ फें्रक नोबेए बताते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान में शामिल हों इसके लिए वोटर टर्नआउट बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए 14 अक्टूबर को मैराथन दौड़ प्रतियोगिता और 23 अक्टूबर को शहर स्थित कॉलेज में क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन करवा रहे हैं। यह बात सही है कि शहर के लोग मतदान के लिए कम निकलते हैं। इसके लिए जागरुकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Published on:
12 Oct 2018 12:40 pm
