कटनी. बड़वारा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआं में सरपंच व रोजगार सहायक द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर क्रमिक अनशन के बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार की सुबह 10 बजे से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर भ्रष्टाचार के विरोध में तीन लोगों का जत्था बैठा है। इसमें रामचंद्र उरमलिया, संतोष कुमार तिवारी, पवन सिंह शामिल हैं। लोग भूख हड़ताल मनोरंजन भवन बस स्टैंड कुआं में बैठे हैं। बता दें कि इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत और दोष सिद्ध होने के बाद भी कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद सरपंच को नोटिस जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 23 हजार 504 रुपये का दो बार भुगतान किया जाना पाया गया। भुगतान को तीन माह बाद वापिस खाता में जमा कराया गया, जिससे वित्तीय अनियतिता पाई गई। मनरेगा योजना अंतर्गत शंकर वन तालाब मचमचा में 29 हजार 600 रुपये, कैलाश सागर तालाब कुआं में 26 हजार 300 रुपये का भुगतान मूल्यांकित राशि से अधिक व वृक्षारोपण पर 2.09 लाख का अपव्यय किया गया।
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की है ये भी मनमानी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत 135 शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को एजेंसी नियुक्त किया गया था। 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के मान से कुल भुगतान 16 लाख 20 हजार रुपये दिए गए थे। जिसमें से 12 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया। हितग्राही कमलेश, ओंकारेश्वर, अंजरी सिंह, रघुनाथ सिंह को पूर्व स्वच्छ भारत मिशन से 4600 रुपये का लाभ दिया गया था। फिर से 12 हजार रुपये का लाभ दे दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शिकायत में दर्ज 5 हितग्राहियों में से दो हितग्राही रामप्रसाद, फुलझरिया के जॉबकार्ड में मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। 4 हितग्राहियों के जॉबकार्ड में 149 दिवस की राशि 25 हजार 966 रुपये का भुगतान किया गया है। भगवानदास काछी के नाम से 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया। जिसमें देयक, अभिलेख की प्रति जांच दल को उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में पाया गया कि सरपंच द्वारा हितग्राही मूलक योजनाओं में 29.29 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किया गया।
इनका कहना है
इस मामले में शिकायत के बाद जांच कराई गई है। जांच में आरोप सही पाए गए हैं। 29.29 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है। 7 दिन का समय जवाब देने कहा गया है। अभी समय बाकी है। शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जगदीशचंद्र गोमे, जिला पंचायत सीइओ।