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संकट में हो देश तो चुनौतियों का सामना करने में आगे रहती है आयुध निर्माणी

मेटल एंड कंपोनेंट डिवीजन की देश पहली आयुध निर्माणी जो बना रही सैनिटाइजर, ताकि लोगों को मिल सके मदद. डब्ल्यूएचओ के मानकों पर सैनिटाइजर बनाकर 167 रूपये प्रति लीटर की दर पर करा रहे उपलब्ध.

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Members of technical team making sanitizer at OFK.

ओएफके में सैनिटाइजर बनाते तकनीकी टीम के सदस्य.

कटनी. कोरोना की चुनौती से जब पूरा देश जूझ रहा है तब देश की रक्षा संस्थानों में से एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कटनी (ओएफके) के कर्मचारियों ने समाज को इस चुनौती से निपटने में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सस्ती कीमत पर सैनिटाइजर ही बना डाली।

ओएफके डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार 167 रूपये लीटर की दर पर सैनिटाइजर बना रही है। (सैनिटाइजर की कीमत हम इसलिए बता रहे हैं ताकि इसके नाम पर बाजार में कालाबाजारी और मुनाफा वसूली कुछ कम हो सके)। ओएफके का काम इसलिए अनूठा और समाज के लिए उल्लेखनीय है क्योंकि देशभर में पांच डिवीजन में विभाजित 41 रक्षा संस्थानों में कटनी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेटल एंड कंपोनेंट डिवीजन (धातुकर्म उत्पादन) श्रेणी है। इस श्रेणी की देशभर में आठ इकाइयों में कटनी पहली इकाई है जिसके इंजीनियरों ने आगे बढ़कर समाज को कुछ देने का काम किया है।

ओएफके महाप्रबंधक वीपी मुंघाटे बताते हैं कि एमएडसी डिवीजन में मेटलर्जिकल व इंजीनियरिंग अर्थात धातुकर्म उत्पादन से संबंधित ग्रुप की निर्माणियां रहती हैं। इसमें आर्डनेंस फैक्टरी कटनी, मेटल व इंजीनियरिंग ग्रुप की देश में एकमात्र फैक्ट्री है जो सैनिटाइजर निर्माण की व्यवस्था विकसित कर हैंड सेनेटाइजर का उत्पादन सुनिश्चित कर रही है।

पांच डिवीजन में बंटीं हैं देश की 41 आयुध निर्माणियां
देश में स्थित 41 आयुध निर्माणियां को 5 डिवीजन में बांटा गया है। इसमें आर्मर्ड व्हीकल ग्रुप में 7 फैक्ट्री, मेटल एंड कंपोनेंट डिवीजन में आठ, डिवीजन एम्युनिशन व एक्सप्लोसिव में 11 (ये सारी निर्माणियां केमिकल और एक्सप्लोसिव का काम करती हैं, केमिकल डिवीजन होने के कारण इनके लिए सैनिटाइजर बनाना आसान है। इसमें 6 बना रही हैं.), चौथा डिवीजन इक्विपमेंट फैक्ट्रियों का है जिसमें टेंट, पैराशूट और आर्मी यूनिफार्म बनाती हैं। इसमें 5 निर्माणियां हैं और पांचवा डिवीजन वेपन, व्हीकल और इक्विपमेंट का है जो हथियार, वाहन व उपकरण जैसे साजोसामान का निर्माण करती हैं, इसमें 10 फैक्ट्रियां शामिल हैं।

यह भी जानें
- ओएफके सैनिटाइजर निर्माण का काम देश के लिए जरूरी रक्षा उत्पादन के अलावा कर रही है। इस टीम में एजीएम एन इक्का, ज्वाइंट जीएम एसके यादव, कार्यप्रबंधक नवीत शर्मा, ए कयूम, एसएन शर्मा, ज्ञानचंद्र नामदेव, एसके शुक्ला, एसके दिग्गी, इंद्रभूषण, धर्मेंद्र बलेचा, एसके कुररिया, देबाशीष पांजा और करमू शामिल हैं।
- रेलवे के बिलासपुर मंडल से 15 हजार और जबलपुर मंडल से 10 हजार लीटर का आर्डर मिला है। 5 हजार लीटर की आपूर्ति की जा चुकी है। ओएफके से सैनिटाइजर लेने की तैयारी में स्थानीय प्रशासन। कलेक्टर एसबी सिंह ने विभागों को जारी किए निर्देश।