
Katni's Aditi Sharma made civil judge
कटनी. मां-बाप अपने बच्चों का हर सपना पूरा करते हैं, लेकिन बच्चे मां-बाप के सपनों को पूरा कर दे यह बहुत कम सुनने मिलता है, लेकिन दुबे कॉलोनी निवासी बेटी अदिति शर्मा ने कड़ी मेहनत कर पिता का सपना पूरा किया है। जज बनकर पिता के सपने को साकार कर दिखाया है। जूडीशियल की परीक्षा दी और उसमें सफलता अर्जित की। सिविल जज बनकर न सिर्फ माता-पिता, नाना, मामा बल्कि बारडोली का मान देश भर में बढ़ाया है। बारडोली की बेटी ने जबलपुर और भोपाल में रहकर जज बनने की कड़ी मेहनत की और सफलता को अपने नाम किया है। देश में महिलाओं और बेटियों की स्थिति और भूमिका में बहुत बदलाव आया है। समाज और परिवार में महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन हो रहे हैं। समाज अपनी पुरानी सोच को छोड़कर आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बाडोली की एक होनहार बेटी ने पिता भले ही इस दुनिया में ना रहे हों लेकिन उनकी प्रेरणा से मान बढ़ाया है। दुबे कॉलोनी निवासी अदिति शर्मा पिता गजेंद्र कुमार शर्मा कई कॉम्पीटेटिव एग्जाम में शामिल हुईं। इसके बाद उन्होंने एमपी सिविल जज 2017 के एग्जाम में शामिल हुईं। 17 मई को रिजल्ट आने पर उनका सिलेक्शन सिविल जज के लिए हुआ है। अदिति शर्मा की ऑल इंडिया में 93 में से 21 रैंक आई है।
ऐसे शुरू किया किया शिक्षा सफर
अदित के पिता गजेंद्र शर्मा प्रशासनिक सेवा में थे। इसके चलते अतिथि ने जवाहरलाल नेहरू स्कूल भोपाल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद लगन, कड़ी मेहनत और एक ध्येय के साथ बीए व एलएलबी ऑनर्स की पढ़ाई भोपाल यूनिवर्सिटी से की। जज बनने के लिए जबलपुर में कोचिंग ली और उमाकांत सोनी के मार्गदर्शन में जज बनने के टिप्स प्राप्त किए और सफलता हासिल की।
पापा हमेशा कहते थे जज बनना
अदिति शर्मा ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि उसके पापा हमेशा उसकी पर्सनालिटी को देखकर कहते थे कि तुम एक अच्छी जज बनना। उन्हीं के प्रेरणा से प्रेरित होकर के उसने कठिन परिश्रम किया और सिविल जज में सिलेक्ट हुई है। अदिति ने कहा कि उनका मन प्रशासनिक सेवा में जाने का था लेकिन उनके पिता ने कहा कि प्रशासनिक से अच्छा है जूडीशियल में जाओ, जिसके आधीन प्रशासन भी रहता है। अदिति ने बताया कि 2009 में उनके पापा की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इसके बाद भी हौसले को कम नहीं होने दिया। कड़ी मेहनत कर पापा की उम्मीदों पर खरी उतरीं।
मां ने प्ले किया अहम रोल
अदिति ने कहा किया कि जज बनने के बाद वे पूरी इमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगी। इस सफलता पर उन्होंने कहा कि मां ने भी इस सफलता में अहम रोल प्ले किया है। मां हीं उनके लिए सबसे बड़ी ताकत हैं। मां रेणुका शर्मा हमेशा हौसला आफजाई करती हैं। भाई गंधर्व शर्मा और शांतनु शर्मा ने भी जज बनने में अहम रोल प्ले किया। बड़े भाई जब मैं पढ़ाई करती थी तो वे मेरी सेहत को लेकर बड़ी चिंता करते थे, लेकिन हर समय वे सपोर्ट में रहे। अदिति ने कहा कि उनके नाना पूर्व शिक्षा मंत्री विभाष चंद्र बैनर्जी, मामा समीर बैनर्जी ने भी हमेशा उनका मार्गदर्शन किया है।
Published on:
20 May 2018 04:05 pm

बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
