
भाजपा की फिरकी में फंसी कांग्रेस, चारों सीटों में कांग्रेस क्लीन बोल्ड
कटनी. विधानसभा महासंग्राम के परिणामों की घोषणा हो चुकी है। इस परिणाम में भाजपा की गुगली व फिरकी में कांग्रेस फंस गई। चारों सीट बड़वारा, विजयराघवगढ़, मुड़वारा व बहोरीबंद में क्लीन बोल्ड हो गई है। लाड़ली बहना योजना से लेकर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का जमकर जादू चला तो वहीं कांग्रेस के मेनोफेस्टो का सब्जबाग वोटरों को रास नहीं आया। लोगों ने फिर भाजपा पर विश्वास किया और चारों सीटों में भाजपा के ही विधायक चुने हैं। जीत के साथ ही भाजपा नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक खुशी से लबरेज हैं। जगह-जगह आतिशबाजी, बैंडबाजा और मिठाई बांटकर खुशी मनाई जा रही है। मतगणना शुरू होने से एक घंटे पहले ही लोग परिणाम जानने के लिए मंडी प्रांगण के बाहर पहुंच गए थे। जैसे-जैसे उद्घोषणा हो रही थी, वैसे-वैसे समर्थक खुशी में झूमते नजर आए।
मतगणना स्थल कृषि उपज मंडी गेट का नजारा रविवार की सुबह से बदला रहा। गेट पर सुरक्षा बल के साथ ही चारों विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशियों के समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। लगभग 9.30 बजे पहले चरण की गणना के रिजल्ट जैसे ही सामने आए उसके बाद से ही समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों की हार जीत की अटकलें लगाने लगे। जैसे-जैसे मतगणना के चरण बढ़ते गए और स्थिति स्पष्ट हुई, वैसे-वैसे निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहे उम्मीदवारों के कार्यकर्ता और समर्थकों में उत्साह बढ़ता गया। शाम तक चारों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों की जीत होने के साथ ही कार्यकर्ताओं का हुजूम बढ़ गया और पुलिस को गेट बंद करते हुए लोगों को रोकने के लिए बल तैनात करना पड़ा। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और डीजे के धुन पर बजते गीतों के साथ जीत का जश्न मनाया और पटाखों से मार्ग गूंजता रहा। भाजपा की जीत पर लोगों ने कहा कि भातरीय जनता पार्टी की जीत में बने कांटों को लाड़ली बहनों ने निकाल दिया है।
पुराने प्रतिद्वंदी को हराकर संदीप ने लगाई हैट्रिक
लाडली बहना योजना के मास्टर स्ट्रोक व एंटी इन्कम्बेंसी के बीच हुए चुनाव में प्रत्याशियों ने जमकर पसीना बहाया। मुकाबला भी कांटे का रहा लेकिन रविवार को मतगणना के दिन आए परिणामों ने सभी को चौंका दिया। भाजपा के चारों प्रत्याशियों को जीत मिली। पहली बार जिले की चारों सीटें जीतकर भाजपा ने इतिहास रच दिया। मुड़वारा विधानसभा से दो बार के विधायक संदीप जायसवाल पर एंटी इन्कम्बेंसी की आशंकाओं के बीच भाजपा ने भरोसा जताया। भाजपा के बगावती नेताओं और कांग्रेस के प्रतिद्वंदी को हराकर संदीप ने जीत की हैट्रिक लगाई।पहले राउंड में ईवीएम मशीन खुलते ही भाजपा प्रत्याशी विधायक संदीप जायसवाल ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मिथलेश जैन से 70 वोट से बढ़त बनाई। पहले राउंड के बाद वोटों का आकड़ा बढ़ता गया। नौवें राउंड में संदीप ने कुल 36 हजार 404 मत पाकर 10195 वोटों की निर्णायक लीड बना ली, जो मतगणना के अंतिम राउंड तक चलती रही। 21 वें व अंतिम राउंड में संदीप जायसवाल ने 89 हजार 081 वोट पाकर मिथलेश को 24 हजार 976 मतों से पराजित कर दिया। मिथलेश को कुल 64 हजार 105 वोट मिले। इसी तरह भाजपा से बगावत करने वाली ज्योति दीक्षित तीसरे पायदान पर रहीं। उन्हें 8 हजार 261 वोट मिले। आप के सुनील मिश्रा को2214 वोट मिले।
अभेद किला बना विजयराघवगढ़, संजय जीते
संजय पाठक ने पांचवी बार चुनाव जीतकर साबित कर दिया है कि विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र उनका अभेद किला है, जिसमें कांग्रेस सेंध नहीं लगा सकती। पिछले चुनाव में 48.19 पाने वाले संजय को इस बार 52.99त्न वोट मिले। विजयराघवगढ़ विधानसभा मतगणना स्थल में भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक के पुत्र यश पाठक सुबह से ही डटे रहे। पहला राउंड होते ही संजय को 1558 मतों की बढ़त मिली तो कार्यकर्ताओं ने जयश्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद नारे लगते रहे और संजय जीत की ओर बढ़ते गए। नौवें राउंड में संजय 10 हजार 12 मतों से आगे निकल गए। इस राउंड तक संजय को 42 हजार 958 तो कांग्रेस के नीरज सिंह को 32946 वोट मिले। समर्थक उत्साह मनाने लगे। दोपहर बाद संजय पाठक भी मतगणना स्थल पहुंचे और समर्थकों का उत्साह बढ़ाया। 20 वें अंतिम राउंड तक संजय को 98, 010 व नीरज को 73664 वोट मिले। संजय ने 24, 346 मतों से जीत दर्ज की।
धीरेंद्र की सहजता ने बसंत की सादगी को किया फीका
बड़वारा विधानसभा में मतों के ध्रुवीकरण ने सभी को चौकाया है, यहां अप्रत्याशित परिणाम आए हैं। कांग्रेस के हाथ से यह सीट भी फिसल गई। 18 हजार से अधिक मतों विजयी कांग्रेस विधायक को 50993 वोट से हार का सामना करना पड़ा। बड़वारा विधानसभा क्रमांक 91 के मतों की गणना शुरू होते ही पहले राउंड से भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह ने 5444 मत प्राप्त कर 2503 मतों ये जो बढ़त बनाई वह 22वें राउंड तक जारी रही। पहल बढ़त ही विजयी बढ़त तक कायम रखी। 22वें राउंड तक अप्रत्याशित बढ़त बनाई। इस राउंड में धीरेंद्र सिंह को एक लाख 12 हजार 644 वोट प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे विजयराघववेंद्र सिंह को 61 हजार 923 वोट मिले। धीरेंद्र सिंह ने 50 हजार 993 मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यहां पर हार की वजह कांग्रेस लाडली बहना योजना को मान रही है। कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष करण सिंह का कहना है कि मतदाता लाड़ली बहना योजना से भ्रमित हुए हैं।
हवा में उड़ा संशय, कांटे हटे तो खिला कमल
बहोरीबंद विधानसभा सीट में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बने थे। भाजपा के बागी शंकर महतो के चलते भाजपा व कांग्रेस में संशय की स्थिति थी, लेकिन यह संशय हवा में उड़ा, क्षेत्र की जनता ने मंथन के बाद प्रणय पर फि विश्वास दिखाया है। बहोरीबंद विधानसभा सीट पर भाजपा ने फिर कब्जा जमाया है। यहां पर किसके सिर विधायक का ताज सजेगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति रही है, लेकिन यहां के आए परिणामों ने राजनीतिक पंडितों के गणित को फेल कर दिया है। शुरुआती राउंड से ही प्रणय पांडेय आगे रहे। पहले चक्र में भाजपा को 5540 मत मिले तो वहीं कांग्रेस को 3366 वोट प्राप्त हुए। प्रणय पांडेय ने 2174 मतों से बढ़त बनाकर 22वें राउंड तक विजयी परिणाम तक आगे रहे। 22वें राउंड में 94817 वोट प्राप्त कर निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी सौरभ सिंह को 23 हजार 622 मतों से हराकर फिर बहोरीबंद सीट पर कब्जा जमाया। क्षेत्र की जनता ने भाजपा पर भरोसा किया।
प्रतिद्वंदियों को विजयी बढ़त, लौटे कांग्रेस प्रत्याशी
दोपहर बाद जैसे ही भाजपा के प्रत्याशी विजयी बढ़त की ओर आगे बढ़े तो कांग्रेस खेमे में सन्नाटा छा गया। मुड़वारा विधानभा से कांग्रेस प्रत्याशी निराशा वाली मुस्कान को लेकर समर्थकों के साथ मंडी से बाहर कूच कर गए, इस दौरान उन्होंने कहा कि हार की समीक्षा की जाएगी। भाजपा की जिला सहित प्रदेश में लहर ना होने के बाद भी ऐसे परिणाम आए हैं। इसपर हम मंथन करेंगे। वहीं विजयराघवगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी नीरज सिंह भी दोपहर बाद मुस्कुराते हुए बाहर निकल गए। इस दौरान वे यही कहते रहे कि अभी कैमोर, विगढ़ क्षेत्र की पोलिंग के नतीते आए हैं, बरही तफर हमारी बढ़त होगी, लेकिन आखिरी राउंड तक कुछ नहीं हो पाया। बहोरीबंद से कांग्रेस प्रत्याशी व बड़वारा से कांग्रेस प्रत्याशी बसंत सिंह मतगणना स्थल पर नजर नही आए।
इन मुद्दों में भाजपा ने मारी बाजी
सामने आ रहे परिणाम को लेकर के तरह-तरह की चर्चा व्याप्त हैं। लोगों का कहना है कि इस बार के चुनाव में एक बार फिर भाजपा ने बाजी मारी है इसकी मुख्य वजह लाडली बहन योजना का जादू चला है। इसके अलावा हिंदुत्व, किसान सम्माननिधि, निशुल्क राशन वितरण योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रसूति सहायता योजना, जल जीवन मिशन योजना, उज्जवला योजना सहित अन्य योजनाएं कारगर साबित हुई हैं। केंद्र और राज्य सरकारी की योजनाओं के दम पर भाजपा ने बाजी मारी है।
कांग्रेस के लिए ये वजह बनीं खाई
जिस प्रकार से चारों विधानसभा सीटों में परिणाम आए हैं वह चौकाने वाले हैं। हार के बाद से भले ही कांग्रेस मंथन में जुट गई हो, लेकिन यह परिणाम कांग्रेसियों के भी गले नहीं उतर रहे। कांग्रेसी यह मान रहे हैं कि लहर ना होने के बाद भी अप्रत्याशित परिणाम आए हैं, वह भी चिंता का विषय हैं। कांग्रेस की कई पुरानी गलतियां, संगठन का एक ना होना हार की मुख्य वजह बनी हैं।
समर्थको व एजेंटों में रहा खुशी का माहौल
जैसे ही क्रमवार मतों की सूचना प्राप्त हो रही थी उसके परिणाम सुनकर भाजपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों में अपार उत्साह देखने मिल रहा था। कृषि मंडीप्रांगण के बाहर कार्यकर्ता खासे उत्साहित नजर आए, जमकर नारेबाजी कर रहे थे। जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। इसके अलावा मतगणना स्थल पर भी एजेंसी नारे लगाकर हर राउंड में खुशी जाहिर कर रहे थे।
कांग्रेस खेमे में चौथे-पांचवे राउंड से छाने लगी थी हताशा
मतों की गिनती आधी भी नहीं हुई थी और अभी से कांग्रेस खेमे में हताशा के भाव देखे जा रहे थे। धीरे-धीरे करके कार्यकर्ता मंडी प्रांगण से बाहर लौट रहे थे। वहीं कुछ पदाधिकारी व कार्यकर्ता इस बात से संतोष कर रहे थे कि जब दूसरे जगह की पोलिंग बूथों की गिनती होगी तो वहां पर हमें बढ़त मिलेगी, लेकिन अंततक ऐसा कुछ नहीं हो रहा था, अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ता, अन्य पार्टियों के पदाधिकारी व समर्थन मायूस होकर घरों की ओर कूच कर गए।
डाक मतपत्र व इटीपीबीएस मतों की हुई गणना
मतगणना के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा डाक मतपत्रों की गणना की गई। अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा डाली गई वोट, दिव्यांगों व वृद्धों के द्वारा की गई होम वोटिंग सहित सेना के जवानों के लिए दी गई सुविधा इटीपीबीएस मतों की गणना की गई। मतों को परिणाम में शामिल किया गया। शुरुआती दौर में ही इन मतों की गणना निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कराई गई।
कलेक्टर-एसपी लेते रहे जायजा, टीम की करी सराहना
मतगणना के साथ सुबह 6 बजे से स्ट्रांग रूम खुलने से लेकर मतगणना शुरू होने व समाप्ति तक जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रसाद व एसपी अभिजीत रंजन डटे रहे। इस दौरान अफसरों ने विधानसभा मतगणना स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा निर्वाचन के तहत जिले की चारों विधानसभाओं की रविवार को कृषि उपज मंडी प्रांगण पहरुआ में हुए मतगणना कार्य में टीम के योगदान की सराहना करते हुए शाबाशी दी। कलेक्टर ने कहा कि सभी की कड़ी मेहनत की वजह से विधानसभा चुनाव कार्य हुआ। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ व्यवस्थित और सुचारू रुप से मतगणना संपन्न कराने में अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का कुशलता से निर्वहन किया। साथ ही चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने भी सराहनीय कार्य किया। स्काउट-गाईड, एनसीसी एवं एनएसएस के छात्रों द्वारा मतदान के समय उपयोगी भूमिका निभाने पर सराहना की। मतदान दलों को लाने-ले जाने और अन्य कार्यों में लगे वाहन चालकों के सहयोग को भी सराहा। इसके अलावा स्वसहायता समूह, सामाजिक संगठनों की भी भूमिका को सक्रिय बताया।
रिटर्निंग अधिकारियों ने कराई मतगणना, की घोषणा
मतगणना कार्य में रिटर्निंग अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। जिले की बड़वारा, विजयराघवगढ़, मुड़वारा व बहोरीबंद विधासनसभा के रिटर्निंग अधिकारियों व सहायक रिटर्निंग अधिकारियों ने मतगणना कार्य संपन्न कराया। काउंटरों में गिनती के बाद प्राप्त मतों की घोषणा करते रहे।
गणना चक्र पूरा होते ही ला रहे थे इवीएम
मतगणना के दौरान स्ट्रांग रूम से कर्मचारियों तय नियम के अनुसार कतारबद्ध होकर इवीएम मशीन को मतगणना स्थल तक लेकर पहुंचे। इस दौरान मतगणना पूरी होने के बाद वापस स्ट्रांग रूम भेजा जा रहा था, इसके बाद टीम वहां से नई मशीनें लेकर पहुंच रही थी। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच मशीनें स्थल तक पहुंची।
परिणाम जानने शहर के चौराहों पर टिकी रहीं निगाहें
चुनाव परिणाम जानने के लिए हर आम और खास की निगहों सोशल मीडिया, टीवी स्क्रीन, मोबाइल के साथ-साथ शहर में लगी एलइडी स्क्रीन पर थी। शहर में मिशन चौक, सुभाष चौक, पन्ना मोड़, माधवनगर चौराहा में एलइडी स्क्रीन लगाई गई थी, जहां पर चुनाव के नजीते सीधे जनता तक पहुंच रहे थे। चुनाव परिणाम जानने के लिए जनता की निगाहें स्क्रीन पर टिकी रहीं। भाजपा समर्थक जहां नारेबाजी व जयघोष करते दिखे तो वहीं कांग्रेस समर्थकों में निराशा का भाव झलका।
डटे रहे ननि के स्वच्छतादूत
मतगणना स्थल पर सफाई व्यवस्था में नगर निगम के स्वच्छतादूत डटे रहे। इस दौरान साफ-सफाई से लेकर कचरे का उठाव पूरे समय किया गया। सफाई कर्मियों ने पूरे समय परिसर को चकाचक रखते हुए स्वच्छता का संदेश दिया।
जमा करना पड़ा मोबाइल, पर्स व अन्य सामग्री
मतगणना स्थल पर अभिकर्ता, प्रत्याशी आदि को मोबाइल, पर्स, कैल्कुलेटर, पान मसाला आदि सामग्री ले जाना प्रतिबंधित किया गया था। मीडिया सेंटर में यहां पर मोबाइल काउंटर बनाया गया था, जहां पर कर्मचारियों द्वारा जमा कराया गया। नियम के अनुसार ही परिसर में प्रवेश दिया गया।
त्रिस्तरीय हुई जांच, फिर मिला प्रवेश
मतगणना स्थल में प्रवेश के लिए तीन लेयर में जांच की व्यवस्था की गई थी। कृषि उपज मंडी प्रांगण के मुख्य गेट पर पुलिस अधिकारी व जवानों ने हर व्यक्ति की जांच, वैध दस्तावेज होने पर ही प्रवेश दिया। इसके बाद मंडी प्रांगण में मतगणना स्थल से 100 मीटर की दूरी पर व मतगणना स्थल पर संपूर्ण जांच के बाद प्रवेश दिया गया। इस दौरान निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन विभाग द्वारा जारी किए गए प्रवेश पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया गया। जिनके पास कार्ड नहीं थी, उन्हें नहीं जाने दिया गया। हालांकि दोपहर बाद दर्जनों की तादाद में लोग मंडी के अंदर प्रवेश करते रहे, जिन्हें किसी ने नहीं रोगा। प्रवेश के लिए किसी ने सोर्स का सहारा लिया तो किसी ने धौंस जामकर प्रवेश किया।
समर्थन में नहीं आया परिणाम, निराश होकर समर्थकों संग लौट प्रत्याशी
मतगणना के दौरान जब कई राउंड तक निर्दलीय सहित अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों ने देखा कि उनके समर्थन में मत प्राप्त नहीं हो रहे हैं और वे काफी पीछे चल रहे हैं तो दोपहर बाद से मतगणना स्थल छोडऩा चालू कर दिया था। कांग्रेस प्रत्याशी, जदयू, बसपा, सपा, गोंगपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय प्रत्याशियों ने घर की ओर रुख कर दिया था।
प्रमाण पत्रों का किया वितरण
मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर अवि प्रसाद की मौजूदगी में बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडेय, बड़वारा से धीरेंद्र सिंह को प्रमाण पत्र बांटे गए।
कंट्रोल यूनिट पर रखी पैनी नजर
मतगणना के दौरान कांग्रेस-भाजपा सहित अन्य पार्टियों व निर्दलीय प्रत्याशियों के एजेंट मौजूद रहे। मतगणना के दौरान कंट्रोल यूनिट पर बड़ी पैनी नजर रखी। मशीन के शुरू होने, कुल पड़े मत सहित किस प्रत्याशी को कितने मत मिले इस पर कड़ी नजर रखी व उसे अपनी डायरी, सीट में दर्ज किया। कुछ समय होने पर आपत्ति भी दर्ज कराई।
मतगणना स्थल पर झड़प, समर्थकों ने कांग्रेसियों को पीटा
मतगणना के आखिरी चरण के दौरान विजयराघवगढ़ विधानसभा मतगणना स्थल पर जमकर झड़प हो गई। इस दौरान संजय पाठक के समर्थकों व कांग्रेसियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया है। चार से पांच कार्यकर्ताओं को पाठक समर्थकों ने जमकर मारपीट कर दी। दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे। इस दौरान जब मीडिया कर्मी कव्हरेज कर रहे थे तो उनके पर भी हाथ छोड़ दिया व मोबाइल छीन लिए। हैरानी की बात तो यह रही कि यहां पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी व जवान तैनात रहे, लेकिन किसी ने भी सख्ती से मारपीट करने से नहीं रोका। यहां पर काफी समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, अफसर भी मूकदर्शक बने रहे।
मतगणना को लेकर खास-खास
- मंडी दोनों ही गेट में तैनात पुलिस कर्मी और अधिकारियों में भी चुनाव परिणामों को लेकर उत्सुकता रही, ड्यूटी के बीच में राहत मिलते ही मोबाइल मेंं और गुजरने वाले कार्यकर्ताओं, मीडिया•ॢमयों से कर्मचारी जानकारी लेते रहे तो स्थानीय परिणामों के साथ अन्य प्रदेश में बन रहीं सरकारों में नजर बनाए रखी।
- चारों विधानसभा की मतगणना की जानकारी जैसे-जैसे बाहर आती रही समर्थक अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को फोन पर जानकारी देते रहे। इसके अलावा मौजूद लोगों से मोबाइल पर घरों से भी लोग हार-जीत की जानकारी लेते रहे।
- जीत की खबर मिलते ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जश्न का माहौल रहा। बहोरीबंद से भाजपा प्रत्याशी प्रणय पांडेय, बड़वारा से भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह, विजयराघवगढ़ से भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक के जीत की खबर सुनकर समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया।
- मतगणना के कारण शाम से मंडी मार्ग में बनी रही जाम की स्थिति, रीठी व पन्ना रोड से आवागमन करने वाले लोगों को हुई खासी परेशानी, देर शाम तक लगा रहा जाम, जुलूस के कारण भी हुई समस्या।
- भाजपा प्रत्याशियों के विजय होने पर निकाला जुलूस, जगह-जगह हुआ स्वागत, लोगों ने बांधी मिठाई, जमकर हुई आतिशबाजी, शहर से लेकर गांव तक रही धूम।
Published on:
04 Dec 2023 10:06 pm
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