7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

थर्ड लाइन बढ़ाएगी ट्रेनों की रफ्तार, आज दौड़ेगी सीआरएस स्पेशल , कटनी से बीना के बीच 263 किमी लंबी लाइन पूरी

25 किलोमीटर लाइन का निरीक्षण करेंगे रेल संरक्षा आयुक्त, कोल परिवहन के लिए सबसे व्यस्त है यह रूट

2 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Jan 06, 2026

Indian railway

Indian railway

कटनी. कटनी-बीना रेलखंड में अब जल्द ही दो नहीं तीन लाइनों पर सरपट ट्रेनें दौड़ेंगी। करीब 263 किमी लंबे इस रूट में थर्ड लाइन का कार्य पूरा हो चुका है। रेल संरक्षा आयुक्त मध्य वृत (सीआरएस ) 6 व 7 जनवरी को इस ट्रेक का जायजा लेंगे और स्पेशल ट्रेन से गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों की जांच भी करेंगे। कोल रूट होने के कारण एक अत्यंत व्यस्त रूट है। थर्ड लाइन का कार्य पूरा हो जाने से अब इस रूट की व्यस्तता में राहत मिलेगी साथ ही माल एवं यात्री यातायात का संचालन और भी तेज और सुगम हो सकेगा। रेलवे को भी ज्यादा राजस्व मिलेगा।
जानकारी के अनुसार कोयला परिवहन और 35 लाख से अधिक यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कटनी-बीना तीसरी लाइन का कार्य कराया गया है। कटनी से घटेरा तक तीसरी लाइन मालगाडिय़ों के लिए इसी साल शुरू कर दी गई थी। इसके बाद बांदकपुर से दमोह भी शुरू हुई। वर्तमान में पथरिया-असलाना के बीच 14 किलोमीटर व बांदकपुर-घटेरा 11 किलोमीटर का शेष कार्य भी पूरा हो चुका है। रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त मध्य वृत (सीआरएस ) इस 25 किलोमीटर की लाइन का जायजा लेने 06 व 07 जनवरी को रेलखंड का जायजा लेंगे। इस दौरान सीआरएस यहां बने ब्रिज, कर्व, प्वाइंट सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे और सीआरएस स्पेशल ट्रेन चलाकर नई लाइन की जांच की जाएगी। सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि इसके आगे बीना तक काम पूरा हो चुका है।

यह मिलेगी राहत

कटनी-बीना रेलवे लाइन पर रोजाना 70 से अधिक यात्री ट्रेनें और करीब 100 मालगाडिय़ां रोजाना आवागमन करती हैं। ऐेसे में दोहरी लाइन पर ट्रैफिक अधिक होने से ट्रेनों को घंटों यहां-वहां खड़े रखना होता है। रोजाना कटनी, दमोह, सागर, बीना स्टेशन से 25 हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में इन्हें परेशान होना पड़ रहा है। तीसरी लाइन के बनने के बाद जनता को लाभ मिलेगा और यात्री ट्रेनों को क्लीयर रास्ता मिलेगा। इसके अलावा ट्रेनों की रफ्तार भी इस रूट में बढ़ जाएगी। मालगाड़ी भी सरपट दौडऩे लगेगी।

इस रूट पर मिलता है सबसे ज्यादा मालभाड़ा

बीना-कटनी रेलखंड पश्चिम मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण रूट है। इस मार्ग से बड़े-बड़े पावर हाऊस के लिए कोयला उपलब्ध कराया जाता है। इसी रूट पर सबसे एक दिन में 50 से अधिक मालगाडिय़ां इसी रूट से निकलती हैं। रेलवे को कोयला ढुलाई से सबसे अधिक मालभाड़ा इसी रूट से मिलता है। तीसरी लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात सुगम हो जाएगा।

यह भी जानना भी जरूरी

तीसरी लाइन प्रोजेक्ट से कटनी-बीना रेलवे रूट के एक दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशन नए सिरे से बनाए गए।

  • 12 बड़े, 26 मध्यम और 278 छोटे पुल बनाए गए हैं।
  • करीब 3 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 263 किमी लंबी तीसरी लाइन का हुआ है काम
  • तीसरी रेलवे लाइन से कटनी-बीना रूट के 30 रेलवे स्टेशन कनेक्ट होंगे।
  • कटनी-बीना रेलवे ट्रेक के सभी रेलवे स्टेशन के एनआई होंगे ऑटोमेटिक, मेन्युअल सिस्टम होगा बंद।