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यहां ऐसी वसूली कर रहे अधिकारी कि आधे से कम हो गया राजस्व…

नगर निगम ने बाजार बैठकी की ठेकेदारी की बंद, अब खुद कर रहा वसूली

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कटनी

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Mukesh Tiwari

Jun 20, 2018

Loss of revenue to the municipal corporation

Loss of revenue to the municipal corporation

कटनी. शहर में फुटपाथ पर दुकान लगाकर व्यापार करने वालों से नगर निगम का राजस्व अमला रोजाना वसूली कर रहा है। विभागीय स्तर पर हो रही वसूली का आलम यह है कि पहले मिलने वाले राजस्व का आधे से भी कम हिस्सा निगम के कोष में जमा हो पा रहा है। शहर में फुटपाथ पर सब्जी, ठेले, टपरे, चाट फुल्की सहित अन्य व्यापारियों से रोजाना शुल्क के नाम पर ५ रुपये तक निगम ने राशि लेना निर्धारित किया है। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। पांच साल पूर्व तक यह काम निगम ठेकेदारों को सौंप देता था। अंतिम बार हुए ठेके के दौरान १८ लाख रुपये में एक साल के लिए वसूली का काम सौंपा गया था और उससे हर माह निगम को डेढ़ लाख रुपये राजस्व के रूप में मिलते थे। वर्तमान में शहर के एक हजार से अधिक दुकानों से लिए जा रहे शुल्क से निगम कोष में ३० से ५० हजार रुपये प्रति माह की राशि ही जमा हो पा रही है।
राजस्व कर्मचारी की जगह निजी कर्मचारी
बाजार में मुख्य बाजार, चौपाटी, अस्पताल रोड, बस स्टैंड, माधवनगर, झंडाबाजार, गोलबाजार, एनकेजे सहित अन्य क्षेत्रों में लोग फुटपाथ पर व्यापार करते हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी इन स्थानों पर खुद वसूली करने के स्थान पर निजी कर्मचारियों से वसूली करा रहे हैं। इस काम में निगम के ही कुछ पूर्व जनप्रतिनिधि भी रुचि ले रहे हैं और इसके चलते ठेके पर वसूली का काम देने के स्थान पर विभागीय स्तर पर काम कराया जा रहा है।
इनका कहना है...
गरीब फुटपाथी दुकानदारों से राशि न लेने का प्रस्ताव रखा गया था। वसूली के नाम पर यदि निजी कर्मचारी काम कर रहे हैं तो इसके लिए आयुक्त से चर्चा करेंगे और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को विशेष कार्ड बनाकर देने व दुकानदारों से उन्हीं लोगों को राशि देने को कहा जाएगा। इसके अलावा वसूली की समीक्षा कर उसे दुकानदारों के हित में ही लगाने का प्रस्ताव बनाएंगे।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर