
NAC assessment team reached Barhi College
कटनी. तीन सदस्यों की टीम 19 से 21 जनवरी तक नैक की टीम ने बरही के शासकीय महाविद्यालय का नैक मूल्यांकन के लिए टीम पहुंची। टीम में डॉ. पी प्रकाश एसआरएम युनिवर्सिटी दिल्ली के वाइस चांसलर जो टीम के चेयरमैन हैं व क्वार्डिनेटर सबन्ना तलवार रानी चनम्मा युनिवर्सिटी बेलगाम कर्नाटक के डीन, डॉ. विजय कुमार प्राचार्य केशरबाई कॉलेज अमरावती महाराष्ट्र से पहुंचे। सात बिंदुओं पर नैक मूल्यांकन के लिए कॉलेज का निरीक्षण किया। इसमें टीचिंग, लर्निंग, रिसर्च, खेलकूद, सुविधाएं, पेयजल, बच्चों के लिए प्रसाधन, वॉटर हार्वेस्टिंग सिटम, खेल मैदान, पर्यावरण, छात्राओं के लिए कॉमन रूम की व्यवस्था, लाइब्रेरी आदि को देखा और सबकुछ बेहतर मिला। एलुमिनाई एसोसिएशन से भी भेंट की। बच्चों की कल्चरर गतिविधियों को देखा। अधिकारियों ने सराहना की। बताया कि हास्य नाटक स्क्रिप्ट में प्रदेश में बरही कॉलेज पहले स्थान पर है। अन्य विधाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। लगातार गुणवत्ता में सुधार के बाद मूल्यांकन की श्रेणी में कॉलेज आया। बताया कि एक हजार अंकों के लिए नैक का मूल्यांकन हो रहा है। 350 अंक पियर टीम देगी। बाकी एसएसआर अंक देगी। बता दें कि 15 अगस्त 1989 बरही में कॉलेज संचालित है। यहां पर पहली बार टीम पहुंची है।
चार साल में बदली तस्वीर
बता दें कि बरही कॉलेज की चार साल में तस्वीर बदली है। बरही कॉलेज में 2015 में सितंबर माह से डॉ. आरके वर्मा ने प्राचार्य की कुर्सी संभाली है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ बेहतर गार्डन तैयार किया, जिले के पहला महाविद्यालय है जहां पर कैंटीन व 55 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ई-लाइब्रेरी है। यहां पर बच्चा अपने सिस्टम पर बैठकर दुनिया कि किसी भी लाइब्रेरी की पुस्तक पढ़ रहा है। जिले में पहली बार डे्रस कोड 2017 में लागू किया गया जो जिले के लिए नवाचार था और फिर सभी कॉलेजों ने इसका अनुशरण किया। जिम सेंटर और स्पोट्र्स एक्टिविटी में बरही कॉलेज बेहतर स्थान पर मिला।
ए और बी ग्रेडिंग से होगा फायदा
नैक यूजीसी ने माना कि बरही कॉलेज ऐसी स्थिति में आ गया है जिसका नैक एससमेंट होना चाहिए। एसएसआर ने मार्किंग की और नैक कराने की अनुमति दी। पास होने पर पियर टीम को भेजा है। ग्रेडिंग मिलने से महाविद्यालय से यूजीसी से बेहतर अनुदान मिलेगा जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर व शैक्षणिक स्तर में और भी सुधार होगा। बता दें कि सी ग्रेड मिलने पर अनुदान प्राप्त नहीं होगा। डी ग्रेडिंग में फिर से मूल्यांकन कराना होगा। ए और बी ग्रेडिंग मिलने पर कॉलेज का बड़ा फायदा होगा।
जैविक खेती के घटकों का किया अवलोकन
शासकीय महाविद्यालय बरही जिला कटनी में उच्च शिक्षा विभाग की 3 सदस्यीय नैक की टीम 2 दिन के लिए ग्रेड निर्धारण के लिए मूल्यांकन करने पहुंची है। टीम कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम ने स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के तहत छात्रों को स्वरोजगार एवं स्वाववलंबन के लिए दिए गए प्रशिक्षण का मूल्यांकन एवं जैविक घटकों का अवलोकन किया। जिसके अंतर्गत केंचुआ खाद, टटिया नाडेप खाद, मटका खाद, जीवामृत तथा जैविक कीट नाशकों में गौमूत्र, गौमूत्र नीम पत्ती, पांच पत्ती काढ़ा का अवलोकन कराया। कम लागत अधिक उत्पादन तकनीकी की जानकारी प्रशिक्षक रामसुख दुबे ने दिया। भ्रमण के समय प्राचार्य डॉ. आरके वर्मा, प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एसएस धुर्वे एवं कैलाश कचेर एवं स्टॉफ उपस्थित रहा।
Published on:
22 Jan 2020 11:42 am
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