
Navbharat Literacy Test
कटनी. उम्र का चौथा पड़ाव, किसी वयोवृद्ध की गोद में नाती खेल रहा था तो किसी बूढ़ी महिला की गोद में पोता, कोई महिला बच्चे को संभाले हुई थी, किसी की कमर सीधी नहीं हो रही थी तो किसी को आंखों में धुंधलापन रहा, इसके बावजूद परीक्षा कक्ष में अजब का उत्साह देखने को मिला। यह नजारा रविवार को शहर और जिले के 1800 स्कूलों व सामाजिक चेतना केंद्रों का, जहां नवभारत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई।
इस परीक्षा में किशोर, प्रौढ़, अधेड़ और वयोवृद्ध महिला-पुरुषों ने एक साथ बैठकर उत्तर पुस्तिका भरी। उम्र के चौथे पड़ाव में पहुंच चुके बुजुर्ग भी उमंग और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देते नजर आए। इस परीक्षा में 50 हजार 465 लोगों को दक्ष करने के लिए परीक्षा ली गई, अधिकांश लोगों ने परीक्षा दी। परीक्षा का अधिकारियों ने भी जायजा लिया। डीपीसी केके डहेरिया, सहायक परियोजना समन्वयक सुवरण सिंह सहित एपीसी, बीआरसी, सीएसी, बीएसी आदि ने परीक्षा का निरीक्षण किया।
साक्षरता की नई रोशनी
सरकार द्वारा चलाए जा रहे साक्षरता अभियान के तहत यह परीक्षा कराई गई, ताकि हर नागरिक शिक्षित हो सके। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने परीक्षार्थियों की मदद की। 2027 तक हर नागरिक को साक्षर करने के लक्ष्य के साथ साक्षरता के कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बहोरीबंद के बुजुर्ग संतराम पटेल (85) ने बताया कि वे पढ़ाई का सपना पूरा करना चाहते थे, जो अब जाकर संभव हो पाया है। परीक्षार्थी महिला दुईजी बाई (78) निवासी रीठी ने ने कहा, अब मैं भी अपने पोते-पोतियों की कॉपी चेक कर सकूंगी। नवभारत साक्षरता अभियान के तहत यह परीक्षा उन लोगों के लिए आयोजित की गई, जो अब तक औपचारिक शिक्षा से वंचित रहे थे। प्रशासन ने इसे जनभागीदारी का उत्सव बताया और भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई है।
यह रहा परीक्षार्थियों का लक्ष्य
जानकारी के अनुसार इस परीक्षा में 50 हजार 465 लोगों को शामिल होना था। इसमें से बड़वारा ब्लॉक में 4784, बहोरीबंद 9001, ढीमरखेड़ा 6932, कटनी 9715, रीठी 8942 व विजयराघवगढ़ में 8388 परीक्षार्थी शामिल होने थे। 70 फीसदी से अधिक उपस्थिति अधिकारी बता रहे हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक शिक्षा विभाग द्वारा डाटा संकलित नहीं किया गया था।
Published on:
17 Feb 2025 08:33 pm
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