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47 हजार 635 मीट्रिक टन धान की अब तक नहीं हुई मिलिंग, 52 हजार 632 मीट्रिक टन चावल जमा करना शेष

मिलर्स की मनमानी पर मेहरबान नान विभाग, एक माह के लिए बढ़ाई गई है मियाद, फिर भी है धीमी रफ्तार

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 25, 2025

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल, अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकन...(photo-patrika)

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल, अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकन...(photo-patrika)

कटनी. जिले में धान की बंपर पैदावार होती है। किसान बड़ी तादाद में धान उगाकर समर्थन मूल्य में सरकार को बेचते हैं। जिले में 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित की गई है, लेकिन धान के रखरखाव मिलिंग में बेपरवाही वर्षों की परंपरा बन गई है। मिलिंग और चावल जमा करने का काम तय समयसीमा में पूरा नहीं होने से नान विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। मिलर्स की लापरवाही और विभाग की ढिलाई से अनाज का भंडारण प्रभावित हुआ है।
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 4 लाख 11 हजार 571 मीट्रिक टन धान वेयरहाउसों में भंडारित है। इसमें से 3 लाख 63 हजार 936 मीट्रिक टन धान की मिलिंग हेतु अनुबंध नागरिक आपूर्ति निगम से जारी किए गए थे। लेकिन अब तक 47 हजार 635 मीट्रिक टन धान की मिलिंग शेष है। यह कार्य अगस्त माह तक पूरा होना था, लेकिन विभाग केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा रहा है।

चावल जमा करने में भी लापरवाही

अनुबंध के अनुसार मिलर्स को 2 लाख 67 हजार 712 मीट्रिक टन चावल जमा करना था, जबकि अब तक केवल 2 लाख 15 हजार 80 मीट्रिक टन चावल ही गोदामों में पहुंचा है। इस तरह अभी भी 52 हजार 632 मीट्रिक टन चावल शेष है।

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किसके गोदाम में कितना चावल जमा

अब तक मिलर्स ने अनुबंध के मुताबिक 1 लाख 24 हजार 480 मीट्रिक टन चावल नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के गोदामों में जमा किया है। इसके बाद बचा हुआ चावल एफसीआई के गोदामों में जमा कराया जा रहा है।

प्रदेश के जिलों में होती है आपूर्ति

कटनी में तैयार चावल प्रदेश के कई जिलों की पीडीएस दुकानों में भेजा जाता है। यहां से चावल की आपूर्ति झुकेही और निवार रेलवे रैक प्वाइंट से होती है। लेकिन वर्तमान में रैक और एलआरटी दोनों बंद होने से आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

फिर बढ़ाई गई समय सीमा

मिलिंग कार्य समय पर पूरा न करने वाले मिलर्स को विभाग ने नोटिस तो थमाया, लेकिन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। अब एक माह की अतिरिक्त मोहलत देते हुए 31 अक्टूबर तक मिलिंग पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वर्जन
मिलिंग कार्य में पिछले कुछ दिनों से रोग लगी हुई थी। विभाग द्वारा अब 31 अक्टूबर तक के लिए समय-सीमा बढ़ा दी गई है। समय पर धान की मिलिंग हो और चावल जमा हो यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।
देवेंद्र तिवारी, जिला प्रबंधक नान।