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विद्यार्थियों ने जाना प्रकाश खाद एवं ईंधन उपयोग के लिए बायोगैस संयंत्र निर्माण की विधी, हो रही खास पहल

शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजनान्तर्गत प्रा. डॉ. सुधीर खरे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉ वीके द्विवेदी, सहप्रभारी डॉ. जीएम श्रीवास्तव के सहयोग से जैविक कृषि पाठशाला नैगवां के संचालक रामसुख दुबे द्वारा स्वरोजगार एवं स्वाववलंबन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 06, 2020

Organic agriculture training to students in Tilak College katni

Organic agriculture training to students in Tilak College katni

कटनी. शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजनान्तर्गत प्रा. डॉ. सुधीर खरे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉ वीके द्विवेदी, सहप्रभारी डॉ. जीएम श्रीवास्तव के सहयोग से जैविक कृषि पाठशाला नैगवां के संचालक रामसुख दुबे द्वारा स्वरोजगार एवं स्वाववलंबन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को जैविक कृषि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान चार गड्ढा विधि से केंंचुआ खाद निर्माण के बारे में बताया। दुबे ने बताया कि केंचुआ खाद निर्माण के लिए इस विधि में छायादार स्थान में पक्का टांका 12 फीट लंबा 12 फीट चौड़ा एवं ढाई फीट ऊंचा ईंटों से अंदर चार बराबर खंड कर जालीदार बनाते हैं। जिससे केंचुआ एक खंड में कचरा को चायपत्ती के समान केंचुआ खाद में बदलकर दूसरे खंड में चले जाते हैं। इस विधि से प्रतिमाह 5 क्विंटल खाद प्राप्त होती है।

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बताई आर्थिक बचत
बायोगैस एवं फोरपिट से केंचुआ खाद निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रकाश खाद एवं ईंधन उपयोग के लिए बायोगैस संयंत्र निर्माण के लिए स्थल चयन निर्माण सामग्री बनाने की विधि, गोबर, पानी बराबर मात्रा में घोलने और डालने की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रति घनमीटर 25 किलो गोबर की आवश्यकता होती है। गोबर की उपलब्धता के अनुसार संयंत्र का निर्माण कराया जा सकता है। वर्ष में प्राप्त खाद व गैस से कृषि व आर्थिक व्यय में बचत के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।