
Passengers face problem at Mudwara station
कटनी. मुड़वारा रेलवे स्टेशन शहर का महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां पर हर दिन लगभग 50 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है और 12 से 15 हजार यात्री अपने-अपने गंतव्य के लिए सफर करते हैं। इस स्टेशन के सौंदर्यीकरण पर रेलवे ने फोकस किया और काम थी ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ की तर्ज पर चल रहा है, लेकिन इतना बड़ा स्टेशन यात्री सुविधाओं से महरूम हैं। यहां पर ठीक से एक यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं हैं। प्रसाधन, शुद्ध पेयजल व सफाई न होने की समस्या तो है ही साथ ही अब यात्रियों की डगर दुश्वार हो रही है।
जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म क्रमांक 4/5 पर रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से प्लेटफॉर्म के दुरुस्तीकरण का काम काम कई माह से कराया जा रहा है। मंथर गति से चल रहे इस काम में सुरक्षा मानकों की भी जमकर अनदेखी की जा रही है। प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए उसे खोद दिया गया है। नए सिरे से चिकने पत्थर लगाकर चकाचक करने का कमा किया जा है, लेकिन यहां पर खुदाई व सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यात्रियों को भारी मुसीबत हो रही है, लेकिन रेलवे के स्थानीय अधिकारियों से लेकर मंडल व जोन के अधिकारी लोगों की समस्याओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे।
ऐसे मचती है स्टेशन में भीड़
रेलवे स्टेशन में ट्रेन आने पर भगदड़ जैसी स्थिति मचती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि ट्रेन का स्टॉपेज सिर्फ पांच मिनट होता है। दो से तीन मिनट यात्री उतरने में लगा देते हैं, उसके बाद लोग चढऩे के लिए जद्दोजहद करते हैं। इन परेशानियों के बीच यात्रियों को ट्रेन पकडऩी पड़ती है। सैकड़ों की संख्या में यात्री ट्रेन में चढ़ते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है।
अवारा मवेशियों का है डेरा
रेलवे स्टेशन पर अवारा मवेशियों का भी जमकर डेरा रहता है। स्टेशन में खाद्य सामग्री के लालच में मवेशी, श्वान व शूकर घूमते हैं, जिससे हादसे का भी डर बना रहता है। भीड़ के बीच मवेशियों के होने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है। इस समस्या पर रेलवे के अधिकारी व सफाई कर्मचारी ध्यान नहीं देते।
सुरक्षा जाली का नहीं अता-पता
फोटो-24-मुड़वारा रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज में सुरक्षा जाली का कहीं अता-पता नहीं है। निर्माण कार्य के दौरान व्यवस्थित करनके नाम पर हटा दिया गया है। ऐसे में फुुट ओवरब्रिज में चलते समय बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। यह समस्या कई माह से है, इसके बाद भी रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
बैग व लगेज ले जाने में भारी परेशानी
मुड़वारा स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 4/5 में गंभीर समस्या है। यात्री प्लेटफॉर्म पर ठीक से चल नहीं पाते, इसकी मुख्य वजह है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण किया जाना है। प्लेटफॉर्म पर लगे पत्थरों को निकाल दिया गय है, वहां पर अब दूसरे समतल पत्थर लगवाए जाने का काम रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। खुदाई के कारण प्लेटफॉर्म उबड़-खाबड़ होने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिकारी समस्या महिला, दिव्यांग व वृद्ध यात्रियों को हो रही है। इस समस्या पर रेलवे के अधिकारी बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
स्टेशन में निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। यहां पर न तो निर्माण कार्य का बोर्ड लगाया गया और ना ही कोई रेड फीते व रेडियम आदि से कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया। ट्रेन के आते ही इस खतरों भरे प्लेटफॉर्म में भागदौड़ कर यात्री ट्रेन पकड़ते हैं। कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन रेलने के अधिकारियों को समस्या से कोई सरोकार नहीं है।
निरीक्षण की निभाई जा रही औचपारिकता
स्टेशनों में यात्रियों को सुविधाएं मिले, सफर सुरक्षित रहे, इसकी नब्ज टटोलने के लिए समय-समय पर रेलवे के अधिकारी निरीक्षण करते हैं, लेकिन यहां पर चल रहे कार्यों की निगरानी ठीक से नहीं हो रही है। स्थानीय स्तर के अधिकारी हों या फिर पश्चिम मध्य रेलवे के, कोई भी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा।
वर्जन
मैं अभी थोड़ा बाहर हूं। मुड़वारा रेलवे स्टेशन में सुरक्षा मानकों का पालन ठेकेदार द्वारा क्यों नहीं किया जा रहा, इसको दिखवाया जाएगा। समय पर गुणवत्तायुक्त काम हो, यह भी सुनिश्चित करेंगे।
जेपी सिंह, सीनियर डीईएन रेलवे।
Published on:
18 Nov 2024 08:34 pm
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