
patwari fake signature of dead people land dispute demarcation action (फोटो सोर्स- Patrika)
mp news: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में आने वाले ढीमरखेड़ा तहसील मुख्यालय में पदस्थ हल्का पटवारी के द्वारा विधि विरुद्ध तरीके से नाले में सीमांकन करने और मृत व्यक्तियों के फर्जी हस्ताक्षर करने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता विवेक निधि रजक ने बताया दो-तीन वर्ष पहले मृत हुए तीन व्यक्तियों के भी खुद हस्ताक्षर बना दिए गए है। (fake signature of dead people)
इस बात का खुलासा जब सरहदी किसानों को हुआ तब इनके द्वारा इस संबंध में तहकीकात की गई और इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सीमांकन की कार्रवाई (demarcation action) के दौरान किसी भी सरहदी किसानों को सूचना नहीं दी गई। पटवारी दान सिंह के द्वारा सरहदी किसानों को सूचित किए बिना ही उनकी गैर मौजूदगी में सीमांकन की कार्यवाही की गई और सरहदी किसानों सहित तीन मृतकों के भी फर्जी हस्ताक्षर बना लिए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक 25 जून को जमुना बाई पति गणेश राय ढीमरखेड़ा स्थित भूमि खसरा नंबर 141/3 रकबा 0.22 हेक्टेयर भूमि में से 1090 वर्ग फुट का सीमांकन हेतु खसरा नंबर 141/5 रकवा 0.01 हेक्टेयर शासकीय भू जल नाला पर निर्मित मकान का सीमांकन हल्का पटवारी के द्वारा किया गया। बगैर किसानों को सूचना दिए सीमांकन किया गया। मुयालय पटवारी द्वारा सभी किसानों की स्वयं फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जब शिकायतकर्ता को राजस्व प्रकरण क्रमांक /0069/ए-12/2025-26 की कॉपी मिली तो इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. पटवारी ने सीमांकन प्रक्रिया में मृत जगदीश और सुरेश के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए, जबकि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसी तरह सीमावर्ती किसान मुकेश, कमलेश, प्रतिभा, जनमेजय रजक का भी फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है।
त्रुटिपूर्ण सीमांकन कर जमुना राय को भूस्वामी घोषित कर दिया गया है। इधर, पटवारी दान सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी है। इस संबंध में ढीमरखेड़ा तहसीलदार नितिन पटेल ने कहा कि शिकायत मिली है। पटवारी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
01 Aug 2025 03:55 pm
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