
People do not feel comfortable in bus stand
कटनी/विजयराघवगढ़. चिलचिलाती धूप में बसों की आस में खड़े यात्री..., पेयजल के लिए होटल व यहां-वहां पानी की तलाश करते लोग, छांव के लिए पेड़ व दुकान की शेड तलाशते यात्री, हर आधे घंटे में जाम से जूझ रहे नगर के लोग, हर समय हादसों की आशंका और मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान यात्री। यह नजारा है विजयराघवगढ़ का। यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। वर्षों से प्रस्तावित बस स्टैंड अधर में है। दो साल पहले लगभग ४ एकड़ जमीन आवंटित हुई थी, उसमें बस स्टैंड के लिए १५ लाख रुपए से २०० हाईवा मिट्टी से समतलीकरण कराया गया है, इसके बाद से कोई काम नहीं हो रहा। यहां पर अब दुकानें सजने लगी हैं। बसों के खड़े होने के लिए बस स्टैंड का निर्माण अबतक नहीं कराया गया। बस चालक व सवारी वाहनों को मजबूरन सड़क पर अपने वाहन खड़े करके यात्रियों को बैठाया व उतारा जा रहा है। इससे जाम की स्थिति बनती है। नगर में प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक छोटे-बड़े वाहनों में करीब एक हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। जिसके लिए बस स्टैंड की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। बस संचालक अपनी बसों को मनचाही जगह पर रोककर सवारियां भरते हैं। जिससे लोगों को परेशानी होती है।
बीच सड़क पर खड़े होते वाहन
नगर में बस स्टैंड की सुविधा न होने से बीच सड़क पर सवारी वाहन खड़े होकर जाम के हालात पैदा करते हैं। लोगों की सुविधा के लिए विगढ़ को नगर परिषद बनाया गया है। बावजूद बस स्टैंड की कमी अभी भी लोगों को खल रही है। जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों के साथ बस संचालक कई बार नगर परिषद, जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों कर चुके हैं। जिस पर अधिकारियों या किसी राजनैतिज्ञ ने ध्यान नहीं दिया है। ताज्जुब की बात तो यह है कि एक साल से सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड का डीपीआर सिर्फ कागजों में बना है। धरातल में लाने कोई प्रयास नहीं हो रहे। बसों में हजारों लोगों का सफर बिना बस स्टैंड के फीका हो रहा है।
बच्चों, महिलाओं को परेशानी
विजयराघवगढ़ से बरही, सिनगौड़ी, उमरिया, मैहर, सतना, झुकेही, कटनी सहित अन्य क्षेत्रों लिए लोग बसों में सफर करते हैं। जिसमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं भी सफर करते हैं। बस स्टैंड में प्रसाधन आदि की सुविधा न होने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान हो रही है। सबसे अधिक परेशानी लोगों को गर्मी और बरसात में सफर करते समय होती है। बच्चे व महिलाएं प्यास बुझाने के लिए पाउच व बोतलों का इस्तेमाल करते हैं।
इनका कहना है
नगर में बस स्टैंड के लिए लगभग ७ करोड़ रुपए का डीपीआर प्रस्ताव भोपाल में लंबित है। रेवेन्यू कलेक्शन आदि की दिक्कत को लेकर अभी मंजूरी नहीं मिली है। शीघ्र ही इस दिशा में पहल की जाएगी।
ज्योति सिंह, सीएमओ, नगर परिषद कैमोर।
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सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड बनाया जाना है। यहां दुकानें, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल की व्यवस्था की जानी है। अभी राशि जारी नहीं हुई है। हाल में वैकल्पिक स्टैंड सवा ४ लाख रुपए की लागत से बनवाया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है।
राकेश गुप्ता, अध्यक्ष नगर परिषद विजयराघवगढ़।
Published on:
02 Dec 2017 12:08 pm
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