
PepsiCo company issued contract letter to farmers
कटनी. जिले के किसान परंपरागत खेती को छोड़कर उन्नत खेती की ओर कदम बड़ा रहे हैं। इसमें किसानों को मुनाफा मिल रहा है, लेकिन उद्यानिकी विभाग और कंपनी की बेपरवाही से किसानों का मन खिन्न हो रहा है। ऐसा ही एक मामला जिले में कान्ट्रेक्ट फॉर्मिंग के तहत हुई आलू की खेती का रहा है। फसल तैयार हो गए है, लेकिन आलू की खेती कराने वाले पेप्सिको कंपनी ने किसानों को अनुबंध पत्र नहीं दिया था। पत्रिका ने किसानों की इस समस्या को 17 फरवरी के अंक में 'फसल तैयार, अबतक किसानों से कंपनी ने नहीं किया अनुबंधÓ नामक शीर्षक से उजागर किया। समस्या उजागर होने के बाद पेप्सिकों कंपनी के कर्मचारी व उद्यानिकी विभाग के अधिकारी हरकत में आए। आनन-फानन में अनुबंध पत्र तैयार कराया और किसानों को मुहैया कराया है। जिले में 29 किसानों ने आलू की खेती की है। लगभग दो सौ एकड़ में आलू की खेती हुई है। धरवारा, तेवरी, कैलवारा, खिरहनी, मटवारा, सरसवाही, सुगवां, छपरा सहित अन्य गांव में आलू की खेती हुई है। किसान अशोक सिंह, पुरषोत्तम सिंह, राजेंद गुप्ता, साकेत आदि ने कहा कि पत्रिका में किसानों की समस्या को उजागर किया गया तब अनुबंध पत्र मिले, जबकि यह बोवनी के समय ही जारी हो जाना था, ताकि किसान अंधेरे में न रहते।
चार कटेगरी में होगी खरीदी
किसानों से चार कटेगरी में आलू की खरीदी होगी। 28 एमएम से लेकर 45 एमएम तक की साइज वाले आलू को कंपनी 10 रुपये 70 पैसे, 46 एमएम से 55 एमएम वाले आलू को 7.75 पैसे, 55 एमएम से अधिक वाले आलू को 4 रुपये 60 पैसे, 28 एमएम से कम वाले आलू को कंपनी 4 रुपये 60 पैसे प्रतिकिलोग्राम के भाव से आलू क्रय करेगी। किसानों ने कहा कि इस सीजन में आलू काफी महंगा रहा है। ऐसे में उनके आलू की कीमत का निर्धारण कम है।
इनका कहना है
किसानों और कंपनी के बीच आलू क्रय-विक्रय के लिए अनुबंध पत्र जारी हो गए हैं। कंपनी ने देरी क्यों की है इसका पता लगाया जा रह है। किसान परेशान न हो इस बात का ध्यान रखा जा रहा है।
अरुण कुमार पांडेय, उपसंचालक उद्यानिकी।
Published on:
22 Feb 2020 01:02 pm
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