
कटनी. रेल देश की रीढ़ मानी जाती है…। यह न सिर्फ यात्रियों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन बल्कि एक शहर से दूसरे शहर, प्रदेश से जोडकऱ संस्कृतियों का मेलजोल तो कराती ही है साथ ही हजारों लोगों के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित सफर का साधन भी है। वैश्विक महामारी के बाद से पैसेंजर, मैमू ट्रेनों को यात्रियों से दूर किया जा रहा है। अब हाल में एक बड़ा गंभीर मामला सामने आया है। रेलवे द्वारा कटनी-चौपन लाइन पर 15 दिनों के लिए भुसावल-चौपन मैमू चलाकर बंद कर दी गई। इसके बंद हो जाने से हजारों यात्रियों के समझ सिंगरौली, चौपन लाइन में यात्रा को लेकर भारी संकट पैदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा ट्रेन क्रमांक 19013 भुसावल से कटनी होते हुए चौपन तक 1 नवंबर से 15 नवंबर तक चलाई गई। यह ट्रेन कटनी साउथ स्टेशन होते हुए रवाना होती थी। सुबह 5 बजे ट्रेन चौपन के लिए जा रही थी, जिसमें सैकड़ों यात्री सफर कर रहे थे। वापस में ट्रेन नंबर 19014 चौपन-भुसावल रात 12 बजे आती थी। इस ट्रेन को निरंतर चलाया जाना था, क्योंकि इस लाइन में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या मात्र एक थी।
वाणिज्य विभाग का अजब तर्क!
इस ट्रेन को यात्रियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए चलाया गया था। रेलवे के परिचालन विभाग ने इसे नियमित करने के लिए प्रस्ताव भेजा, लेकिन रेलवे के वाणिज्य विभाग ने 15 दिनों में पर्याप्त टिकट सेल न होने का हवाला देकर इसे न चलाने का प्रस्ताव भेजते हुए हजारों लोगों के साथ खिलवाड़ किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि रेलवे के अधिकारियों ने इस ट्रेन को नियमित चलाने के लिए न तो कोई परीक्षण कराया और ना ही जनता के हित में अबतक कोई निर्णय लिया।
इन स्टेशनों के यात्रियों को मिल रही थी सुविधा
कटंगी खुर्द, लखाखेरा, सल्हना, पिपरियाकला, खन्नाबंजारी, महरोई, दमोय, विजयसोता, बारा, छितैनी, ब्यौहारी, डोबरी कला, कंचनपुर रोड, जोबा, मड़वास ग्राम,शंकरपुर, निवास रोड, भरसेड़ी, सुरसरई झारा, सरईग्राम, मझौली, बरगवां, गोंडवाली, महदेइया, सिंगरौली, चुरकी, करैला रोल, करैला रोड जंक्शन, मिर्चाधूरी, मगरधहा, फराकुंड, उबरा डैम, बिल्ली चोर्ड केबिन, बिल्ली जंक्शन, चौपन स्टेशन से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सुविधा मिल रही थी।
प्रचार किया न सेट की टाइमिंग
हैरानी की बात तो यह है रेलवे द्वारा अटपटे टाइम में छोटे से स्टेशन से होते हुए ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया था। सिंगरौली, सीधी, चौपन लाइन के यात्री कटनी जंक्शन व मुड़वारा में ट्रेनों का इंतजार करते हैं। रेलवे ने इन दोनों स्टेशनों से इसे चलाने निर्णय नहीं लिया। ना ही ट्रेन के लिए कोई प्रचार किया गया। इसके अलावा टाइमिंग भी सही नहीं रखी गई। सुबह 5 बजे जाना व रात 12 बजे आना समझ के परे था।
सिर्फ एक ट्रेन ही सहारा
सिंगरौली, सीधी व चौपन लाइन से हजारों की तादात में मजदूर पेट पालने के लिए मजदूरी पर निकलते हैं, यात्रा के लिए ट्रेनों का सहारा लेते हैं। इसके अलावा कटनी व्यापारिक हब है, लोग खरीददारी के लिए भी आते हैं, बावजूद इसके इस लाइन में सिर्फ एक मैमू ट्रेन चल रही है। ट्रेन क्रमांक 06623 सुबह 6 बजे कटनी से रवाना होती है, जबकि 06624 8.30 बजे आती है। यह ट्रेन सिर्फ कटनी से बरगवां स्टेशन के बीच ही चल रही है। इसके अलावा 24 घंटे में कोई मैमू व पैसेंजर ट्रेन नहीं है।
खास-खास:
सीधी नहीं संपर्क, किराया भी महंगा
ट्रेन का साधन कटनी से सिंगरौली, सीधी, चौपन तक पहुुंचने के लिए न होने के कारण यात्रियों को भारी मुसीबत हो रही है। सीधे यात्री नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन्हें किश्तों में लोडर वाहन, बसों का सहारा लेना पड़ता है, जो न सिर्फ महंगा है बल्कि सुरक्षित भी नहीं होता। यात्रियों की मांग है कि शीघ्र ही उनके हित में निर्णय लिया जाए।
वर्जन
यात्रियों की सुविधाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए इसका उचित स्तर पर अवाज उठाई जाएगी। पूरी कोशिश की जाएगी कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस ट्रेन को दोबारा चलाया जा सकेेगा। ऐसी उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन इस विषय पर संवेदनशील होकर यथोचित निर्णय लेगा।
सुधीर मिश्रा, सदस्य जेडआरयूसीसी पमरे।
ट्रेन 15 दिनों तक चली है उसके क्या परिणाम सामने आए हैं इसका परीक्षण कराया जाएगा। इस मामले को संज्ञान में लेकर सिंगरौली-चौपन लाइन में यात्रियों की सुविधा को लेकर शीघ्र ही उचित निर्णय लिया जाएगा। रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले, यह प्राथमिकता तय की जाएगी।
विवेकशील, डीआरएम।
Published on:
05 Dec 2024 08:00 am
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