
Self-defense training will be given to students of Katni district
कटनी. स्कूल जाते समय व लौटते समय (education) रास्ते में, गांव में, वाहन में सफर करने के दौरान, बाजार में, या फिर किसी भी दौरान कोई (Self-defense training) शोहदा बेटियों के साथ अनर्गल करने का दुस्साहस करता है तो उन बदमाशों की खैर नहीं। (benefits of self defense training) क्योंकि बेटियां तत्काल बदमाशों को मुंहतोड़ जवाब देंगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने खास तैयारी की है। बेटियों को 'आत्मरक्षा' प्रशिक्षण दिलाने की तैयार में है। इसी माह में जिले के चिन्हित 26 स्कूलों में बेटियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कस्तूरबा गांधी छात्रावास, उत्कृष्ट विद्यालय, हाइ व हॉयर सेकंडरी स्कूल शामिल हैं। खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण स्कूलों में एक दो दिन नहीं बल्कि पूरे-पूरे तीन माह चलेंगे। इसमें बेटियों को आमरक्षा संबंधी पैंतरे व उपाय सिखाए जाएंगे। प्रयोग कराकर परिपक्व किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में प्रतिमाह 3-3 हजार के मान से 9-9 हजार रुपये का भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह राशि का भुगतान प्रशिक्षक को किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह पहले जिले के अधिकांश स्कूलों में की जानी है, लेकिन जिले में प्रशिक्षकों की कमी के कारण कम स्कूलों में किया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों में तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला कार्यालय द्वारा चयनित स्कूलों के प्राचार्यों को जानकारी भेजी गई है।
इन स्कूलों में चलेगा अभियान
शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के शासकीय बालिका छात्रावास बड़वारा, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, कटनी, रीठी, विजयराघवगढ़ के अलावा शासकीय कन्या उमा विद्यालय बरही, कन्या हाइस्कूल खितौली, उत्कृष्ट उमा विद्यालय बड़वारा, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसाड़ी, उत्कृष्ट उमा विद्यालय बहोरीबंद, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेवरी, हाइस्कूल किरहाई पिपरिया, उमा विद्यालय उमरियापान, सिलौड़ी, ढीमरखेड़ा, उमा विद्यालय सिविल लाइन कटनी, पुरवार कन्या हाइस्कूल, उत्कृष्ट उमा विद्यालय रीठी, उमा विद्यालय निटर्रा, कन्या हाइस्कूल विजयराघवगढ़ सहित उत्कृष्ट उमा विद्यालय ढीमरखेड़ा व उमा विद्यालय गैरतलाई शामिल है।
इनका कहना है
बालिकाओं में आत्मरक्षा को बढ़ावा देने व विषम परिस्थितियों में शोहदों व अपराधियों ने निपटने के लिए विशेष शिक्षा दी जाएगी। ब्लैक बेल्ट ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। हलांकि ट्रेनों की कमी के कारण कम स्कूलों में यह पहल हो रही है।
अभय जैन, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन प्रभारी।
Published on:
04 Oct 2019 11:54 am
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