26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जार्डन में श्रीलंका की मधुशा से नैन मिले कौशांबी में बलराम ने की शादी, विदेशी दुल्हनिया देख गांव की औरतें हुई फिदा

Love Story कौशांबी के लड़के बलराम की श्रीलंका की मधुशा से जार्डन में एक फैक्टरी में काम करते करते नैना लड़े। दोनों में प्यार बढ़ता गया। और एक दिन दोनों ने शादी कर लिया। आस-पास के गांवों में बलराम-मधुशा की शादी की चर्चाएं हो रहीं हैं। गांव की महिलाएं बलराम की दुल्हनिया को देख उस पर फिदा हो गई हैं।

2 min read
Google source verification
जार्डन में श्रीलंका की मधुशा से नैन मिले कौशांबी में बलराम ने की शादी, विदेशी दुल्हनिया पर गांव की औरतें फिदा

जार्डन में श्रीलंका की मधुशा से नैन मिले कौशांबी में बलराम ने की शादी, विदेशी दुल्हनिया पर गांव की औरतें फिदा

कौशांबी के लड़के बलराम की श्रीलंका की मधुशा से जार्डन में एक फैक्टरी में काम करते करते नैना लड़े। दोनों में प्यार बढ़ता गया। और एक दिन दोनों ने फैसला किया कि, अब दोनों को शादी कर एक हो जाना चाहिए। तो बलराम-मधुशा ने पहले श्रीलंका में कोर्ट मैरिज की। फिर घरवालों की भारी दबाव में बलराम अपनी दुल्हनिया मधुशा संग कौशांबी आए और यहां हिंदू रीति रिवाज के साथ रिश्तेदारों और परिजनों के बीच सात फेरे लिए। आस-पास के गांवों में बलराम-मधुशा की शादी की चर्चाएं हो रहीं हैं। गांव की महिलाएं बलराम की दुल्हनिया को देख उस पर फिदा हो गई हैं।

तीन देशों में पनपी लव स्टोरी

मामला यह है कि, 12 साल तक लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले प्रेमी जोड़े की तीन देश के बीच पनपी प्रेम कहानी कौशांबी आकर पूरी हो गई। कड़ा धाम कोतवाली के फरीदगंज निवासी लल्लू राम ठेकेदारी करते थे। लल्लू का निधन होने पर लगभग 12 साल पहले उनका मंझला बेटा बलराम सऊदी अरब के देश जार्डन में नौकरी के लिए गया। वहां कपड़े बनाने वाली कंपनी अटलांटा में काम करने लगा। उसी कंपनी में पड़ोसी देश श्रीलंका की कोलंबो की मधुशा भी काम करती थी। साथ काम करने के दौरान उन दोनों के बीच प्रेम हो गया। फिर वे लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। तीन महीने पहले बलराम मधुशा के साथ श्रीलंका गया। वहां दोनों ने मधुशा के घरवालों की मौजूदगी में कोर्ट मैरिज कर ली। बलराम और उसके परिवार की इच्छा थी कि वह अपने गांव-समाज के सामने हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह रचाए।

यह भी पढ़ें : यूपी के सभी मंत्री 16 मई को लखनऊ में ही रहें, जानें सीएम योगी ने क्यों दिया ये कड़ा निर्देश

तीन माह का मिला टूरिस्ट वीजा

बलराम ने यह बात मधुशा को बताई, वह राजी हो गई। मधुशा ने पति की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत आने का फैसला कर लिया। 27 अप्रैल को तीन महीने के लिए टूरिस्ट वीजा मिला। बस बात बन गई। बलराम कौशाम्बी आए और शादी की तैयारियां शुरू की। शनिवार को बलराम के घर में धूमधाम से वैवाहिक कार्यक्रम हुआ।

यह भी पढ़ें : PM Modi Lucknow Visit : कोविड रिपोर्ट अगर सही हुई तो ही पीएम मोदी से मिल पाएंगे योगी के मंत्री

बलराम-मधुशा ने लिए सात फेरे

विदेशी दुल्हन के साथ बलराम का विवाह देखने के लिए तमाम रिश्तेदारों के साथ आस-पास के लोग भी जुटे।। मधुशा और बलराम ने एक-दूसरे को फूलों की माला पहनाई, फिर सात फेरे भी लिए। जहां बलराम के घरवाले विदेशी बहू के व्यवहार से काफी प्रसन्न हैं वहीं आस—पड़ोस की औरतें विदेशी बहू की सुंदरता देख उस पर फिदा हो गई।