
CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने उपसरपंच का घर जलाने और आगजनी में एक व्यक्ति की मौत के मामले के आरोपी की जेल में मौत के बाद कवर्धा के एएसपी विकास कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए है। साथ ही मृतक प्रशांत साहू के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देेखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
CG News: डिप्टी सीएम ने बताया कि मृतक के परिजनों और गांव वालों ने पुलिस के बड़े अधिकारियों पर पिटाई का आरोप लगाया था। उन्होने मुलाकात के दौरान पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसे देखते हुए जब तक माहौल शांत नहीं हो जाता परिजनों की देखभाल भी सरकार की जिम्मेदारी होगी।
बता दें कि 15 सितंबर को कवर्धा जिले के लोहारीडीह में 15 सितंबर को हुए हत्याकांड और आगजनी के मामले में प्रशांत को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। लेकिन, अस्पताल में आने से पहले उसकी मौत हो गई थी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को देखते हुए परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मृतक के साथ मारपीट की थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई है।
गृहमंत्री ने बताया कि घटना के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है। साथ ही बिसरा को जांच के लिए भी भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच में यदि कोई बात आती है तो उस पर आगे और कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने और दोषी लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। बता दें कि डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने कवर्धा जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान रजिस्टर में एंट्री थी कि जब ग्रामीणों को जेल दाखिल किया गया तो चोट के निशान थे। आईजी का कहना है कि इस प्रकरण में लीड एएसपी विकास कुमार कर रहे थे। ऐसे में जो अधिकारी लीड कर रहे थे उनकी जिम्मेदारी होती है। आईपीएस अधिकारी विकास कुमार कबीरधाम जिले में बीते 7 माह से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर थे।
Updated on:
20 Sept 2024 09:44 am
Published on:
20 Sept 2024 08:56 am
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