
people in the grip of diseases in karauli rajasthan
कवर्धा . जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए शासन द्वारा विशेष डाईट तैयार किया गया है। लेकिन मुख्यमंत्री के गृह जिले के जिला अस्पताल में मरीजों को एक भी दिन निर्धारित डाईट के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण मरीजों को स्वादिष्ट व पोष्टिक भोजन नहीं मिल पा रहा है।
जिले का 100 बिस्तर जिला अस्पताल में मरीजों को रुखा-सूखा भोजना कराया जा रहा है। जिला अस्ताल में समूह द्वारा मरीजों के लिए भोजन तैयार होता है। शासन द्वारा प्रति दिन 100 रुपए के हिसाब से विशेष मीनू तैयार किया गया है। लेकिन जिला अस्पताल में एक भी दिन मरीजों को मीनू के आधार पर भोजन नहीं मिल पा रहा है। जबकि शासन की मनसा है कि मरीजों को बेहतर इलाज के साथ पौष्टिक भोजन भी मिले, ताकि वे समय में स्वस्थ्य हो सके। लेकिन जिला मुख्यालय के जिला अस्पताल में मरीजों को दाल, भात, दो से तीन रोटी व कोई एक सब्जी देकर औपचरिकता निभाई जा रही है। जबकि मीनू कई प्रकार के भोजन है। रुखा सूखा भोजन होने से मरीजों को यहां का खाना भा नही रहा है।
पूरक आहार लेने वाले रोगियो के लिए आहार सारिणी बनाया गया है। लेकिन इसके आधार पर मरीजों को भोजन नहीं दिया जाता। सात दिनों के लिए मीनू तैयार किया गया। सभी सब्जी में टमाटर, लहसून, अदरक, प्याज, मीठा नीम, हरा धनिया डालना अनिवार्य किया गया है। लेकिन इस प्रकार का भोजन मरीजों को नहीं मिल पाता है।
प्रतिदिन के मीनू पर एक नजर डाले तो प्रतिदिन मरीजों को नास्ते में नया चीज देना है। साथ में प्रतिदिन 200 ग्राम दूध व दो नग उबला हुआ अंडा देना है, लेकिन एक भी दिन मरीजों को दूध व अंड़ा नहीं दिया जाता। वहीं प्रतिदिन मौसमी फल दिया जाना है। लेकिन यह भी मरीजों को फल भी नहीं मिलता। केवल पोहा, दलिया, उपमा या बिस्कीट ही दिया जाता है। जबकि मौसमी फल, दूध व अंडा मरीजों के लिए विशेष तौर पर दिया जाना है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या प्रतिदिन कम ज्यादा होती रहती है। लेकिन यहां मरीजों को गिनती कर सभी के लिए भोजन नहीं बनाया जाता है। इसके कारण सभी मरीजों के लिए भोजन नहीं मिल पाता है। रोजाना चार से पांच मरीजों को भोजन नहीं मिल पाता है। वहीं कई को रोटी तो किसी को चावल देकर ही काम चलाते हैं। जबकि प्रतिदिन मरीजों के लिए करीब 100 रुपए का भोजन दिया जाना है। लेकिन इस ओर जिला अस्पताल प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जिला अस्पताल में अब भी सुविधा के आभाव हैं। वार्ड में भले ही भोजन लेकर जाते हैं, लेकिन यह भोजन पुरी तरह ठंडा हो जाता है। कई मरीजों को रोटी तक नहीं दिया जाता है। नास्ते के नाम पर केवल औपचारिता निभाई जाती है। इससे मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
जिला अस्पताल कवर्धा के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. एसआर चुरेन्द ने कहा कि मरीजों को अच्छा भोजन मिले, इसके लिए शासन राशि देती है। कुछ कारण से कई बार अंडा व फल नहीं मिल पाता है। मौसम के हिसाब से फल दिया जाता है। सभी को ताजा भोजन मिल रहा है।
Published on:
29 Jul 2018 02:05 pm
बड़ी खबरें
View Allकवर्धा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
