
Makar Sankranti 2025: मकर संक्रान्ति प्रमुख पर्वों में से एक है। मकर संक्रांति भारत और नेपाल में भिन्न रूपों में मनाया जाता है। पौष मास में जिस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, उस दिन इस पर्व को मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है। मकर संक्रांति पर तिल व तिल से बने लड्डुओं का विशेष महत्व माना जाता है। इसके चलते इसकी मांग भी बढ़ गई है, जो इनके कीमत पर असर डाल रहा है। इस बार तिल 50 फीसदी मंहगा हो गया है तो वहीं लड्डू 30 फीसदी मंहगे बिक रहे हैं। इससे मंहगी सामग्री मकर संक्रांति पर आमजन की परेशानी बनती नजर आ रही है।
मकर संक्रांति को लेकर बाजार में खरीदारी का दौर शुरू हो गया है और संक्रांति के लिए सामग्री खरीदने किराना दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ लग रही है। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष जितने रुपए में तीन किलो तिल व तीन किलो राजगिर आ जाता था, इस बार उतने रुपए से ज्यादा में सिर्फ दो किलो ही सामग्री आ रही है। इससे लोगों को पिछले साल की तुलना में लड्डू बनाने की सामग्री खरीदने के लिए 50 फीसदी ज्यादा रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं। वहीं ज्यादातर लोग तो बाजार से बने हुए लड्डू ही खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
गुड़ और तिल में करीब 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए। वहीं बाजारों में तिल व गुड़ से बने लड्डू भी बिकने लगे हैं। मकर संक्रांति के आसपास तिल के रेट बढ़ने लगते हैं, लेकिन इस बार ठंड की शुरुआत यानी दिसंबर के महीने में ही इसकी कीमतें बढ़ने लगी। ठंड के दिनों में लोग तिल के लड्डू खाना पसंद करते हैं। यह खाने में स्वादिष्ट होता है। ठंड में शरीर को गर्मी भी मिलती है। दुकानदार के मुताबिक इस बार गुड पांच रुपए किलो मंहगा है। ड्राइफ्रूट व लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी इस बार मंहगी है।
Published on:
14 Jan 2025 11:38 am
बड़ी खबरें
View Allकवर्धा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
