
पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: लोगों के जनआस्था के केन्द्र पंचमुखी बुढ़ामहादेव मंदिर का नवनिर्माण होगा। पूरे परिसर को महाकाल लोक के तर्ज पर बुढ़ामहादेव लोक के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए पूरी प्लानिंग भी कर ली गई है। बहुत जल्द जमीन पर काम दिखना शुरू हो जाएगा।
शहर की प्रमुख आस्था व विश्वास का केन्द्र पंचमुखी बुढ़ामहादेव मंदिर परिसर का कायाकल्प होगा। न केवल परिसर बल्की भव्य व दिव्य मंदिर का निर्माण भी होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। पूरे परिसर को व्यवस्थित किया जाएगा। कांवड़ियों के लिए भवन, भोजन, रूकने के धर्मशाला, भव्य मंदिर परिसर का निर्माण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग परकोटे में आ सकते हैं।
साथ ही पुजारी निवास सहित कई महत्वपूर्ण कार्य करने को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य जमीनी स्तर पर दिखने लगेगा। सबसे खास बात तो ये है कि पंचमुखी बुढ़ामहादेव मंदिर का नवनिर्माण होगा, जो काफी भव्य व दिव्य होगा। अलौकिक शिवनगरी, शिवधाम बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। कार्ययोजना पर अभी अंतिम निर्णय बाकी है। साथ ही कार्य के लिए करीब 8 करोड़ रुपए खर्च की संभावना है जिसकी स्वीकृति भी बाकी है।
इस भव्य व दिव्य स्थान का कायाकल्प होना चाहिए, जिसकी मांग सालों पहले से की जा रही थी, लेकिन ये काम करने का सौभाग्य किसी को नहीं मिला है। लेकिन वर्तमान सत्ता सरकार में रहने वाले लोगों को भगवान बुढ़ामहादेव की प्रेरणा से पुनित कार्य करने का अवसर मिला है। जिसे पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
बुढ़ा महादेव मंदिर पहुंचने वाले दो प्रमुख मार्गों में स्वागत द्वारा बनाने की योजना है। साथ ही मंदिर परिसर के आसपास फू लमाला, नारियल बेचने वालों के लिए व्यवस्थित दुकानें बनाई जाएगी। मंदिर के ठीक सामने सकरी नदी प्रवाहित होती है, जिसके किनारे का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नदी किनारे करीब एक किमी तक पीचिंग कार्य करा इसे सुंदर रूप से विकसित करने की तैयारी है।
साथ ही मंदिर परिसर से नदी को पार करने के लिए एक झूला बनाया जाएगा, जिसका दूसरा सिरा नदी के पार तालपुर-समनापुर गांव से जुड़ेगा। पुराने कचहरी के हिस्से को भी शामिल किया जाएगा। जहां पर धर्मशाला का निर्माण होगा, जिसमें कांवड़ियों के रूकने, भोजन की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर में जहां भी जरूरत होगी, उसके हिसाब से कार्य किया जाएगा।
पंचमुखी बुढ़ा महादेव मंदिर परिसर के विकास कार्य को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि इस मंदिर परिसर में जो विकास व सौंदर्यीकरण का कार्य होगा वो भगवान बुढ़ामहादेव की प्रेरणा व आशीर्वाद से ही होगा। उनकी ईच्छा है तो कोई भी कार्य रूक नहीं सकता है।
बुढ़ा महादेव मंदिर परिसर में विकास कार्य की संभावनाओं को लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम व विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने मंदिर परिसर में ही बैठक ली। सबसे पहले उन्होंने आने वाले सावन माह में कांवड़ियों की सुविधा को लेकर समीक्षा की। मंदिर समिति व बोलबम समिति के सदस्यों से विचार विमर्श किया। क्या कमियां रहती है, जिसे समय रहते दूर किया जा सके।
अमरकंटक से पैदल जलकर पहाड़, जगंल के रास्ते तय करते हुए कांवड़िए भगवान भोलेनाथ बुढ़ा महादेव, भोरमदेव शिव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। उन्हें किसी तरह से परेशानी न हो इसका ध्यान विशेष रूप से रखा जाएगा।
बुढ़ा महादेव मंदिर परिसर के चारों तरफ सरकारी जमीन व भवन ही है। ऐसे में किसी तरह से आमजन के घर को तोड़फ ोड़ किए बिना ही भव्य रूप से पूरे परिसर का कायाकल्प हो जाएगा। तोड़पोड़ न होने से किसी तरह से गतिरोध की भी स्थिति नहीं बनेगी। जबकि लोग खुद से आगे आकर अगर जरूरत पड़ी तो अपनी जगह देने के तैयार हो रहे हैं।
Updated on:
29 Jun 2025 12:39 pm
Published on:
29 Jun 2025 12:39 pm
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