
कवर्धा . छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के वेतन में 1500 की बढ़ोतरी की। इससे कार्यकर्ता व सहायिका नाखुश हैं। इसके चलते उन्होंने निर्णय लिया कि वह काम बंद कर हड़ताल करेंगे और चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे।
5 मार्च से आंगनबाड़ी में काम बंद कर कार्यकर्ता व सहायिका अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार से नाखुश हैं। छत्तीसगढ़ जुझारु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि चुनाव का बहिष्कार 5 मार्च से कामबंद कर हड़ताल पर रहेंगी कार्यकर्ता-सहायिका यदि राज्य सरकार उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं देती तो वह आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। संघ की अध्यक्ष पार्वती यादव ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ बजट मेंकार्यकर्ता का 1000 व सहायिका के मानदेय में 500 रुपए की मामूली बढ़त की है जिससे वह असंतुष्ट हैं।
अधिकारियों पर लगाए वेतन काटने का आरोप
संघ की अध्यक्ष पार्वती यादव, कोषाध्यक्ष खुशबू जायसवाल, सचिव सरिता शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष ओमिन साहू ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को शासन के हर काम करने होते हैं। यहां तक मंत्रियों की सभा में भीड़ बढ़ाने का काम भी करती हैं। एक आंगनबाड़ी केंद्र से 10 ग्रामीण को सभा में ले जाने का लक्ष्य दिया जाता है। लक्ष्य की पूर्ति नहीं होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के 200 रुपए काट दी जाती है।
2000 रुपए मानदेय
कबीरधाम जिले में 3200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका हैं। कायकर्ता को 4000 और सहायिका को 2000 रुपए का वेतन मिलता है, जबकि इनसे शासन-प्रशासन कर्मचारियों की तरह काम लेते हैं। लेकिन वेतन कलेक्ट्रेर दर पर भी नहीं मिलता। शासन तो इन्हें कर्मचारी ही नहीं मानते केवल मानदेय माना जाता है।
Published on:
27 Feb 2018 03:39 pm
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