
भोरमदेव मंदिर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Bhoramdev Temple: भोरमदेव मंदिर में सावन सोमवार पर कांवड़िए और श्रद्धालुओं पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने हेलीकॉप्टर से फूल बरसा कर उनका अभिनंदन किया।
सावन माह के तीसरे सोमवार को भोरमदेव मंदिर में सैकड़ों किलोमीटर पदयात्रा कर जलाभिषेक करने आने वाले हजारों कावड़िए पहुंचे। वहीं हजारों श्रद्धालु शिवजी के दर्शन के लिए पहुंचे। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। इस दौरान हर-हर महादेव और बोलबम के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं व हजारों पदयात्री कावड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए भोरमदेव परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने मुलाकात की।
कावड़ियों का स्वागत अभिनंदन किया। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा के माध्यम से स्वागत कर रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह, उपमुख्यमंत्री शर्मा और साव के साथ भोरमदेव बाबा भगवान शिवजी के दर्शन कर मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा अर्चना व रुद्राभिषेक किया।
भोरमदेव में पुष्पवर्षा के दौरान एक हादसा भी हुआ। जिस समय हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर परिसर के ऊपर ही पुष्पवर्षा की जा रही थी उसी दौरान तेज हवा से एक एलईडी प्रोजेक्टर डिस्प्ले एक युवक पर जा गिरा। इससे युवक घायल हो गया। चोट की वजह से युवक बेहोश हो गया था। पास मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे तुरंत उठाया और एंबुलेंस से अस्पताल के रवाना किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न सिर्फ मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी बल्कि आसपास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी जोड़कर एक समग्र आध्यात्मिक अनुभव देगी।
इसमें पुरातत्व महत्व के स्थल मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनुपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटित की प्रक्रिया जारी है जहां एक भव्य श्रद्धालु के लिए भवन बनाया जाएगा।
जिला मुख्यालय कवर्धा से 18 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम चौरा में 11 वीं शताब्दी का प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व का स्थल बाबा भोरमदेव का मंदिर है। इस मंदिर में हाटकेश्वर शिवलिंग विराजित है। भगवान शिव देवों के देव महादेव में जल अभिषेक की परपरा सदियों चली आ रही है। हर वर्ष श्रावण माह में कांवरियों द्वारा पदयात्रा कर शिव मंदिरों में जल चढ़ाया जाता है जिसे कांवड़ यात्रा कहा जाता है।
सावन के इस पवित्र माह में कबीरधाम के पड़ोसी जिला मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से कावड़िया पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर, बूढ़ा महादेव मंदिर और डोंगरिया के प्राचीन जालेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने हजारों की संख्या में आते हैं।
जिले में अमरकंटक से पहाड़ी और पथरिले जंगलों की रास्तों से कबीरधाम जिले में प्रवेश करने वाले सभी कावड़ियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से शिवभक्तों द्वारा कांवर में मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पदयात्रा करते हुए जलाभिषेक कर रहे हैं। अब तक सैकड़ों कांवरियों का दल शहर व ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचकर जलेश्वर महादेव डोंगरिया, पंचमुखी बुढ़ामहादेव व भोरमदेव में जलाभिषेक कर चुके है।
सीएम के आगमन को लेकर कई घंटे तक प्रवेश रोक दिया गया। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। बावजूद भोरमदेव में पहुंचे कांवड़ियों व शिव भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
Published on:
29 Jul 2025 03:06 pm
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