
diwali 2017 puja and date in india calendar
खंडवा. एक तरफ जहां पटाखों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए दिल्ली जैसे महानगरों में पटाखों की बिक्री पर रोक लगी है तो वहीं मप्र के खंडवा शहर में पटाखों की लंबी रेंज पहुंच चुकी है। यहां अलग-अलग वैरायटियों के पटाखे लोगों को लुभा रहे हैं।
दीपावली के लिए पटाखों का बाजार सज चुका है। इस बार फैंसी आतिशबाजी भी खूब लुभा रही है। बाजार में हर किस्म और हर दाम के पटाखे उपलब्ध हैं। जीएसटी की मार जरूर जेब के लिए झटका है।
इस बार की खासियत
इस बार आए एरियल पाइप की खासियत ये है कि इससे आसमान में छाते नुमा आतिशबाजी नजर आई, जबकि जादूगर को सुलगाते ही ऊपर फ्लावर पॉट नजर आएगा। सिल्वर बटर फ्लाय को जलाएंगे तो 25 फीट हाइट पर आतिशबाजी में तितलियों का अहसास होगा। शहर के स्टेडियम पर लगे पटाखा बाजार में रौनक नजर आ रही है। 25 और 50 शॉट में एरियल पाइप, अशरफी गोल्ड, कलर कोठी, मनोरंजन, जादूगर। ये एेसी वैरायटी हैं जो लोगों की पसंद बनी हुई हैं। ये आसमान में रंग-बिरंगी छटा छेडऩे वाली हैं। बाजार में 8 से लेकर 3500 रुपए तक रेट के पटाखे उपलब्ध हैं।
ये भी जानिए...
- बगैर नाम का सुतली बम (जिलेटिन) बाजार में कम ही हैं।
- राऊ व बालाघाट फैक्ट्री में हादसे के बाद उत्पादन प्रभावित होने का असर।
- नोटबंदी के बाद शिवाकाशी में भी ढाई महीने काम बंद रहने से कुछ वैराइटी कम।
- २८ फीसदी जीएसटी की मार का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
पटाखा बाजार से लीकेज टैंकर हटाया, फायर बिग्रेड भी पहुंची
शहर के स्टेडियम ग्राउंड पर लगे पटाखा बाजार का ढर्रा सोमवार को सुधरा नजर आया। यहां फायर ब्रिगेड पहुंच गई है तो वहीं टपकते हुए टैंकर के स्थान पर दूसरा भिजवाया गया है।पत्रिका ने 16 अक्टूबर के अंक में 'फायर बिग्रेड नदारद, सिर्फ एक टैंकर के भरोसे बाजार की सुरक्षा' शीर्षक से प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया। इसमें बताया था कि लगातार हादसों के बावजूद सतर्कता के नाम पर अफसर सोये हुए हैं। इसके बाद नगर निगम के जिम्मेदारों ने यहां की व्यवस्थाएं दुरूस्त की हैं। यहां से टपकता हुआ टैंकर भी हटा दिया गया है। इसके स्थान पर दूसरा टैंकर भिजवाया गया है।
Published on:
17 Oct 2017 02:51 pm
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