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238 करोड़़ के अंडर ग्राउंड सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट को मिल सकती है स्वीकृति

अमृत 2.0 योजना..-अमृत 2.0 योजना में प्रस्तावित, तैयार हुई डीपीआर, तकनीकी समिति में पहुंची-आज टीएसएलसी की बैठक में आठ सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति करेगी फैसला

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खंडवा

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Manish Arora

Jan 04, 2024

238 करोड़़ के अंडर ग्राउंड सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट को मिल सकती है स्वीकृति

खंडवा. सीवेज प्लांट की डीपीआर।

शहरों को स्वच्छ करने, नदियों में मिलने वाले सीवेज के पानी को रोकने के मप्र अर्बन सेनिटेशन एंड एनवारमेंट प्रोग्राम के तहत अंडर ग्राउंड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। अमृत 2.0 योजना में शहर के लिए 238 करोड़ (अनुमानित) की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगना है। तीसरे चरण में प्रस्तावित योजना को खंडवा के लिए दूसरे चरण में ही स्वीकृति मिल सकती है। इसके लिए राज्य स्तरीय तकनीकी समिति गुरुवार को बजट पास कर सकती है। समिति के सामने योजना की पूरी डीपीआर रखी जाएगी।


शहर के लिए अमृत योजना 2.0 के तहत नगर निगम को तीन महती परियोजनाएं मिली है। जिसमें 137 करोड़ से नर्मदा जल योजना, 7 करोड़ से वॉटर बॉडी रेजोनुवेनेशन और 205.37 करोड़ से अंडर ग्राउंड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शामिल है। पुरानी डीपीआर बदलने के साथ ही इसकी लागत अब 238 करोड़ रुपए हो गई है। अमृत 2.0 के तहत नर्मदा जल योजना की स्वीकृति मिलने के बाद बजट भी मिल चुका है। इसके साथ ही वॉटर बॉडी रेजोनुवेनेशन के तहत शहर के जलस्रोतों के संरक्षण के कार्य को भी तकनीकी समिति की स्वीकृति मिल चुकी है। अब दूसरे चरण में ही अंडरग्राउंड एसटीपी को भी गुरुवार तकनीकी समिति की स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है, क्योंकि कई नगरीय निकायों का लैप्स बजट इसे मिल रहा है।


पुरानी डीपीआर से कई गुना लागत बढ़ी
शहर की स्वच्छता के लिए करीब पांच साल पहले भी अंडर ग्राउंड सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट का प्रस्ताव बना था। अग्रवाल कंसलटेंट ने इसका सर्वे भी किया था और करीब 60 करोड़ की डीपीआर भी तैयार की थी। निगम ने नए सिरे से इसका सर्वे मेहता एंड मेहता कंसलटेंट से करवाया। जिसकी डीपीआर अनुमानित लागत 238 करोड़ रुपए की बनाई गई है। योजना को कुल तीन भागों में बांटा गया है, जिसमें डिस्ट्रिक्ट-1 में किशोर समाधि से पुराना शहर, डिस्ट्रिक्ट-2 में आनंद नगर क्षेत्र और डिस्ट्रिक्ट-3 में सिविल लाइन सर्किट हाउस संप क्षेत्र में होगा। सर्वाधिक कार्य डिस्ट्रिक्ट एक में होना है।


इस तरह से होगा काम
-अमृत 2.0 मिशन के तहत प्रस्तावित कुल सीवेज नेटवर्क 251 किलोमीटर है।
-डिस्ट्रिक्ट-1 में 113 किमी. डिस्ट्रिक्ट-2 में 73 किमी और डिस्ट्रिक्ट-3 में 66 किमी है।
-डिस्ट्रिक्ट-1 में पुराने शहर क्षेत्र का संयोजन शामिल है, विकासशील क्षेत्र, पुराने शहर के क्षेत्र में पुराने घर-झोपडिय़ां शामिल हैं।

एक एसटीपी, 9 पीएस बनाए जाएंगे
नई डीपीआर के अनुसार तीन भागों में कुल 4 सीवर ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित कुल 9 पुलिंग स्टेशन प्रस्तावित है। इसमें तत्काल चरण में 21 एमएलडी का एसटीपी, मध्य चरण में 12 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाएगा।

पुराने शहर में आएगी परेशानी
डीपीआर के अनुसार योजना में अवैध निर्माण और अतिक्रमण परेशानी बन सकते है। पुराने शहर में 113 किमी के तहत 58 किमी का क्षेत्र आ रहा है। इसमें 10 किमी के नेटवर्ट जिसमें बांबे बाजार, हरिगंज, वॉटर वक्र्स एरिया के घने आबादी क्षेत्र में परेशानी आ सकती है। इसके लिए ट्रेंचलेस तकनीक के माध्यम से हल निकाला जा सकता है।


पूरी कोशिश योजना को मिले स्वीकृति
अमृत 2.0 में अंडर ग्राउंड सीवरेज प्लांट प्रस्तावित है। इसे दूसरे चरण में बजट मिल जाए, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर तकनीकी समिति को दिया गया है। गुरुवार को निगमायुक्त राज्य स्तरीय तकनीकी समिति में अपना पक्ष रखेंगे। पूरे प्रयास है कि हमें स्वीकृति मिल जाए।

अमृता अमर यादव, महापौर