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देशभक्ति का अद्भुत संगम : कृषि कॉलेज की बंजर भूमि ‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ में वीरगति सैनिकों की स्मृति को बनाएगी चिरस्थायी

भारतीय सैनिकों का ‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ देश वासियों के लिए राष्ट्र भक्ति का प्रतीक बन चुका है। सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की गाथा लोगों के दिलों में बस गई है। ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की स्मृति की याद में भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज की बंजर भूमि पर ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना की है

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खंडवा

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Rajesh Patel

Jun 28, 2025

operation vermilion

भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज की बंजर पर ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज की बंजर पर ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना की हैै। इससे कॉलेज में पढ़ने वालों से लेकर यहां आने वालों के साथ ही भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।

‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ देश वासियों के लिए राष्ट्र भक्ति का प्रतीक

भारतीय सैनिकों का ‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ देश वासियों के लिए राष्ट्र भक्ति का प्रतीक बन चुका है। सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की गाथा लोगों के दिलों में बस गई है। ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की स्मृति की याद में भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज की बंजर भूमि पर ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना की है। पीएम मोदी ने भी अपने आवास पर सिंदूर का पौधा रोपकर संदेश दिया है। इसके बाद से देशभर में सिंदूर के पौधे की डिमांड बढ़ गई है।

‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना का नवाचार

जिला मुख्यालय पर कृषि कॉलेज की बंजर भूमि ‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ में वीरगति सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा। शुक्रवार को कॉलेज परिसर में ‘ एक पेड़ मां के नाम ’ अभियान में ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना कर देशभक्ति और नवाचार का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। कॉलेज परिसर की बंजर भूमि पर 50 सिंदूर के पौधों का सामूहिक रोपण कर इस उपवन की नींव रखी गई, जो ‘ ऑपरेशन सिंदूर ’ में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा। भगवंत राव मंडलोई कृषि महाविद्यालय ने एक भावपूर्ण और पर्यावरणीय संदेशवाहक पहल के अंतर्गत ‘ एक पेड़ मां के नाम ’ अभियान में ‘ सिंदूर उपवन ’ की स्थापना की है।

सामूहिक रूप से 50 पौधे लगाए

कृषि कॉलेज कृषि वैज्ञानिकों के साथ छात्रों, एनसीसी के छात्रों ने सामूहिक रूप से सिंदूर के पचास पौधों का रोपण किया है। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. दीपक हरि रानडे ने बताया कि सिंदूर वृक्ष न केवल पारिस्थितिकी संतुलन व पारंपरिक औषधीय उपयोग में महत्व रखते हैं, बल्कि इनके संरक्षण से जैव विविधता को भी सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह उपवन भावी पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

सिंदूर का बीज त्वचा के उपचार के लिए उपयोगी

कृषि कॉलेज के बागवानी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुरील व डॉ. स्मिता अग्रवाल ने बताया कि सिंदूर के बीजों से प्राप्त प्राकृतिक लाल रंग धार्मिक व सौंदर्य प्रसाधनों में प्रयुक्त होता है। साथ ही यह त्वचा रोगों के उपचार में भी उपयोगी है। छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से इस उपवन से जोडऩे प्राकृतिक रंगों और औषधीय उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जाएंगे।