7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा

धार्मिक भावना भड़काने वाली खबरें व फेक वीडियो शेयर करने वालों पर होगी कार्रवाई

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में नागरिक सुरक्षा को लेकर बैठक हुई। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने जिला स्तर पर नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के लिए एकीकृत प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रभारी नियुक्त किए। इसके साथ ही एक नियंत्रण कक्ष बनाया है जो अब से 24 घंटे कार्यरत रहेगा।

Google source verification

नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबंधन के लिए नियंत्रण कक्ष बना, प्रभारी नियुक्त

राहत एवं बचाव कार्य को सम्पन्न करने के लिए प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर अरविंद चौहान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारणेकर को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष के लिए एक टीम गठित की गई है, जिसमे तहसीलदार महेश सिंह सोलंकी, रक्षित निरीक्षक अरविंद दांगी व निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता प्रभारी बनाया गया है। बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर खंडवा गुप्ता ने बताया कि भारत पाकिस्तान के मध्य तनाव को देखते हुए जिला स्तर पर हमें सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर जिले के नागरिकों की सुरक्षा व बचाव कार्य प्रभावी ढंग से किए जाने के लिए तैयार रहना है। इसके लिए सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता पूर्वक निर्वहन करे, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग को मॉक ड्रिल कर घायलों को ट्रामा सेंटर ले जाने एवं उनके इलाज हेतु समुचित प्रबंध करे। सभी एंबुलेंस को चेक कर चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गये है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक राय ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में जिले के 4 स्थानों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जिसमे नर्मदानगर में स्थित इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर बांध, सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग आते हैं। पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की है कि पैनिक न हो और धार्मिक भावना भड़काने वाली खबरें एवं फेक वीडियो सोशल मीडिया में शेयर न करे। ऐसा करने पर प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आंतरिक सुरक्षा बैठक के दौरान वार्डन सेवा, संचार सेवा, अग्निशमन सेवा, बचाव सेवा, परिवहन सेवा, शव निस्तारण सेवा, आपूर्ति सेवा के साथ साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों एवं स्वयं सेवकों को नई तकनीक के आधार पर प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है।