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शहर की सड़कों पर धूल, धुंआ और लापरवाही लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। निगम के पास इसके नियंत्रण के लिए ठोस इंतजाम नहीं हैं। दो साल पहले स्वीपिंग मशीन की टेस्टिंग, खरीदी की प्रक्रिया फाइलों तक सीमित है।
शहर की सड़कों पर धूल, धुंआ और लापरवाही लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। निगम के पास इसके नियंत्रण के लिए ठोस इंतजाम नहीं हैं। हैरानी की बात तो यह कि पॉश एरिया आनंद नगर के मुख्य मार्ग पर डिवाइडर डस्ट बाउल बन गया है। स्वच्छ वायु रैकिंग-2025 से बाहर होने के बाद भी निगम तमाशबीन है।
शहर में डिवाइडर के आस-पास जमने वाली धूल के लेयर की सफाई का निगम का दावा खोखला साबित हो रहा है। निगम के पास पानी स्प्रे मशीन नहीं है। शहर की सड़कों पर गड्ढे के कारण स्वीपिंग मशीन सफल नहीं हुई। शहर में चौराहों पर फव्वारा तक विकसित नहीं किए जा सके हैं।
निगम के तत्कालीन आयुक्त ने दो साल पहले धूल और धुएं की सफाई को लेकर स्वीपिंग मशीन की टेस्टिंग की। शहर में तीन दिन तक टेस्ट करने के बाद वापस कर दिया।
निगम शहर को हरा-भरा करने के जतन में भी कमजोर है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने मियावकी पद्धति से बगीचे तो लगाए। लेकिन,पौधे लगाने की कार्य योजना तैयार की गई। गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए।
कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट में कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर ऋषि कुमार सिंघई को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि शहर की प्रमुख सड़कें विशेषकर बाम्बे बाजार, तीन पुलिया, रेलवे ब्रिज एवं शहर की अन्य मुख्य सड़कें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। इन सड़कों पर बने गहरे गड्ढे के कारण नागरिकों का आवागमन मुश्किल हो गया है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जर्जर सडक़ों से उड़ने वाली धूल एवं प्रदूषण से रहवासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
रेलवे तिराहे से टाउन हाल तक
टाउल हाल से अस्पताल तक-
अस्पताल से इंदौर नाका तक
तीन पुलिया से रामेश्वर
शेर चौराहे मान सिंह मिल तक
मानसिंह मिल से पंधाना रोड पर आबना नदी तक
शेर चौराहे से लालचौकी तक
शिवाजी पार्क चौराहे से रामेश्वर पुलिस चौकी तक
आनंद नगर से सिहाड़ा रोड तक
Published on:
12 Sept 2025 12:44 pm
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