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क्रिकेट टूर्नामेंट में मुस्लिम खिलाड़ियों के खेलने पर लगा बैन, बीजेपी विधायक हैं आयोजक

इस टूर्नामेंट का संचालन बीजेपी नेता दिनेश पालीवाल संभाल रहे हैं।

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क्रिकेट टूर्नामेंट में मुस्लिम खिलाड़ियों के खेलने पर लगा बैन, बीजेपी विधायक हैं आयोजक

खंडवा. एक तरफ तो देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ रहा है तो वहीं देश प्रदेश के राजनीतिज्ञ इस तनाव को और बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के खंडवा में सामने आया है। यहां के भाजपा विदायक की ओर से क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराया जा रहा है। खास बात ये है कि, इस टूर्नामेंट में मुस्लिम खिलाड़ियों को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। मामला सामने आने के बाद शहर केमुस्लिम खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के इस नियम पर नाराजगी जताई है।


शहर के खिलाड़ियों ने जिले के अधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया है कि, मुस्लिम होने की वजह से उन्हें इस टूर्नामेंट से बाहर रखा जा रहा है। बता दें कि, विधायक कप का आयोजन स्थानीय विधायक देवेंद्र वर्मा द्वारा कराया जा रहा है। हालांकि, इस टूर्नामेंट का संचालन बीजेपी नेता दिनेश पालीवाल संभाल रहे हैं।

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मुस्लिम खिलाड़ियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

बता दें कि, शहर में विधायक कप क्रिकेट टूर्नामेंट 20 अप्रैल से शुरू हुआ है। इसमें 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं। जिन टीमों में मुस्लिम खिलाड़ी खेलते हैं उन्हें साफ कहा गया है कि उन्हें मुस्लिम खिलाड़ियों के बगैर खेलना होगा। सोमवार कुछ मुस्लिम खिलाड़ियों ने खंडवा के सिटी कोतवाली और एसपी ऑफिस पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने यहां ज्ञापन सौंपकर इस टूर्नामेंट को रद्द करने की मांग की है।


टूर्नामेंट रद्द करने की मांग

मामले को लेकर मुस्लिम खिलाड़ी और वकील तनवीर सोहेल का कहना है कि, इस संबंध में हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ऐसा पहली बार है कि, मुस्लिम खिलाड़ियों को क्रिकेट टूर्नामेंट से बाहर रखा जा रहा है। ये बहुत गलत परंपरा है, जो खंडवा विधायक की तरफ से लोगों में डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक दंगों के बाद इस तरह का फैसला हमारे लिए मुश्किलें बढ़ाएगा।. इससे हमारे भविष्य पर भी सवालिया निशान लगेगा।

उन्होंने ये भी कहा कि, आयोजक धर्म के आधार पर खिलाड़ियों के बीच तनाव को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं, जबकि खेल को खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए। इसमें जाति वर्ग और पंथ के लिए जगह नहीं है। उन्होंने मांग की है कि, इस तरह के टूर्नामेंट को तुरंत रद्द होने चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि, सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

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क्या कहना है टूर्नामेंट के संचालक का

विधायक कप टूर्नामेंट के संचालक दिनेश पालीवाल के अनुसार, कुछ टीमों में मुसलमान खिलाड़ी हैं। हमने इन टीमों से कहा है कि उन्हें मुस्लिम खिलाड़ियों के बिना ही खेलना होगा। पालीवाल ने कहा कि, किसी धर्म विशेष के प्रति हमारी कोई गलत भावना नहीं है, लेकिन कुछ मुसलमान खिलाड़ियों ने चार साल पहले टूर्नामेंट के दौरान झगड़ा किया था। उन्होंने मैच जीतने के लिए कई खिलाड़ियों को पीट दिया था। इसके बाद चार साल तक मैच ही नहीं हो सका। इसलिए इस साल तय किया गया कि, टूर्नामेंट में शांति व्यवस्था को स्थापित रखने के लिए मुस्लिम खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।


क्या कहते हैं बीजेपी विधायक ?

वहीं, इस संबंध में बीजेपी विधायक देवेंद्र वर्मा ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि हमने किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है कुछ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था और अब विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब उन्हें यह बताया गया कि प्रतियोगिता के संचालक ने मुस्लिम खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की बात स्वीकारी है तो उन्होंने कहा कि, मुझे इस मामले की जानकारी नहीं।

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