20 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बोर्ड परीक्षा : परीक्षार्थियों ने दिखाई नेकनीयती…ईमानदारी की पेटी में डाली 20 हजार 832 नकल सामग्री

माध्यमिक शिक्षा मंडल की नकल विहीन परीक्षा में ‘ ईमानदारी की पेटी ’ योजना अब तक कारगर साबित हुई है। 10 वीं और 12 में परीक्षार्थियों ने भी नेकनीयती दिखाई है। तभी तो अब तक की परीक्षाएं नकल विहीन रहीं। एक भी नकल प्रकरण नहीं बने। इसकी वजह 88 केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंची परीक्षार्थियों ने नैतिकता दिखाते हुए 20 हजार 832 नकल सामग्रियां ईमानदारी की पेटी में डाल दिया।

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Rajesh Patel

Feb 20, 2026

Board of Secondary Education

बोर्ड परीक्षा : स्कूलों में प्रवेश द्वार पर ईमानदारी की पेटी रखी गई है। पत्रिका एआई के द्वारा तैयार की गई फोटो

माध्यमिक शिक्षा मंडल की नकल विहीन परीक्षा में ‘ ईमानदारी की पेटी ’ योजना अब तक कारगर साबित हुई है। 10 वीं और 12 में परीक्षार्थियों ने भी नेकनीयती दिखाई है। तभी तो अब तक की परीक्षाएं नकल विहीन रहीं। एक भी नकल प्रकरण नहीं बने। इसकी वजह 88 केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंची परीक्षार्थियों ने नैतिकता दिखाते हुए 20 हजार 832 नकल सामग्रियां ईमानदारी की पेटी में डाल दिया।

डस्टबिन में नष्ट कर दी गई नकल सामग्री

हायर सेकंडरी और हाई स्कूल में 88 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आयोजित कमी गई जा रही है। अब तक एक भी नकल प्रकरण नहीं बने। केंद्र के दरवाजे तक 12 वीं में 12,632 और 10 वीं में 8800 नकल सामग्रियां लेकर पहुंचे परीक्षार्थियों ने नेक नियत दिखाते हुए ईमानदारी की पेटी में डाल दिया। जिसमें 12 वीं में 12 हजार 632 और 10 वीं में 8800 सामग्रियां पेटियों में मिली हैं। जिसे नष्ट कर डस्टबिन में डाल दिया गया।

छात्र बोले, अध्ययन के लिए लाए थे सामग्री

गेट पर चेकिंग दौरान ईमानदारी की पेटी में 20 से 25 में परीक्षार्थी नकल सामग्री डाल रहे हैं। पूछताछ में सभी ने परीक्षार्थियों ने एक जैसा जवाब दिया। बोले सर नकल के लिए नहीं अध्ययन के लिए लाए थे। पेटी में डाल दिया हूं। केंद्र प्रभारियों ने बताया कि नकल सामग्री नष्ट कर दी गई। छनेरा में 208 में से 20-25 ने सामग्री ईमानदारी की पेटी में डाली थी। बोरगांव बुजुर्ग में भी 20 से अधिक ने डाले। सभी सामग्रियां नष्ट कर दी गईं।

12 वीं : 7 दिन पेपर के दौरान 12,632 सामग्री मिली

बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरु हुई है। पहले दिन 12 वीं की परीक्षा से शुरुआत हुई। दस दिन के दौरान अब तक 7 दिन परीक्षाएं हुईं। केंद्रों पर चेकिंग से पहले 20-25 परीक्षा नकल सामग्री ईमानदारी की पेटी में जमा की। प्रत्येक केंद्रों पर 20 नकल सामग्री का औसत प्रतिदिन लिया जाए तो 88 केंद्रों पर अब तक 12,632 नकल सामग्रियां ईमानदारी की पेटी में जमा हो चुकी है।

10 वीं : चार दिन पेपर में 8800 जमा हुई सामग्री

10 वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से चालू हुई। 19 फरवरी को संस्कृत का पेपर था। बोरगांव बुजुर्ग, छनेरा हाई स्कूल केंद्र में गेट पर चेकिंग के दौरान ईमानदारी की पेटी में 15 से 25 नकल सामग्रियां फेंकी। यदि प्रत्येक केंद्रों पर 25 नकल सामग्री ईमानदारी की पेटी में जमा करने का औसत लिया जाए तो 88 केंद्रों पर चार दिन की परीक्षा के दौरान 8800 नकल सामग्री ईमानदारी की पेटी में जमा हुई।

माशिमं की नेक पहल

रामकृष्ण पाटवाई, केंद्र प्रभारी, छनेरा...ईमानदारी की पेटी की व्यवस्था नेक पहल है। परीक्षार्थियों में ईमानदारी के प्रति आत्मविश्वास पैदा होगा। कई बार भूल या फिर अध्ययन के लिए गाइड या फिर अन्य सामग्री लेकर केंद्र तक आते हैं। रखने की व्यवस्था नहीं होती। परीक्षार्थी चेकिंग से पहले ईमानदारी से पेटी में सामग्री डाल रहे हैं। संस्कृत के पेपर में 208 बच्चे शामिल हुए। इसमें 15 से 20 बच्चे ऐसे रहे जिन्होंने ईमानदारी से सामग्री पेटी में डाल दिया।

विश्वास के प्रति भरोसा बढ़ा

नितेश लाड़, बोरगांव बुजुर्ग, केंद्र के प्रभारी...केंद्र पर सख्ती के कारण आज तक एक भी नकल प्रकरण नहीं बने। पूरी तरह नकल विहीन परीक्षा चल रही है। नई व्यवस्था से परीक्षार्थियों को सहूलियत के साथ ही उनमें ईमानदारी और विश्वास के प्रति भरोसा बढ़ा है। पहले गेट पर चेकिंग के दौरान पड़के जाने पर उन्हें आवंछित सामग्री बाहर रखने भागदौड़ करनी पड़ती थी और अब ऐसा नहीं करना पड़ रहा है।