
एआई द्वारा दुग्ध उत्पादन वृद्धि की तस्वीर दी गई
सरकार दुग्ध समृद्धि योजना से गांव-गांव में श्वेत क्रांति की तैयारी कर रही है। महत्वाकांक्षी योजना क्षीर धारा ग्राम योजना ’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। किसानों को प्रशिक्षणबल्कि उन्नत नस्ल, हरे चारे की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण में 124 ग्रामों का चयन किया गया है।
दूध उत्पादन में अब जिले के 124 गांवों में अब दूध की नदियां बहाने की तैयारी है। ऐसा सरकार की ‘ क्षीर धरा ग्राम योजना ’ के तहत किया जा रहा है। इस योजना के तहत उन गांवों का चयन किया गया है, जहां पहले से ही सर्वाधिक पशु पालन होता है।
किसानों को प्रशिक्षणबल्कि उन्नत नस्ल, हरे चारे की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बाय प्रोडक्ट के रूप में गौमूत्र व गोबर का भी उपयोग किया जाएगा। अगले तीन साल में योजना पूरी होने पर यह गांव ना केवल सर्वाधिक दूध उत्पादन के रूप में पहचाने जाएंगे साथ ही किसान भी समृद्ध होगा।
पशु पालकों के पास 10 से अधिक पशु हैं। योजना में किसानों का उन्नत नस्ल के पशु पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों आर्थिक स्थित सुधरेगी और गांवों में भी समृदि़्ध आएगी। उप संचालक पशु एवं चिकित्सा डॉ हेमंत शाह के अनुसार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने आचार्य विद्यासागर योजना के तहत 5-10 पशुओं और कामधेनु योजना 25 पशु पालन को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी दी जाएगी।
अभियान का प्रथम चरण अक्टूबर- 2025 में शुरु हुआ था। इसमें 668 ग्रामों में 8231 पशुपालकों के पास टीम पहुंची। पशुपालकों के पास 10 से अधिक पशु हैं। दूसरे चरण में 644 ग्रामों में 12,337 पशुपालकों के पास टीम पहुुंची। जिनके पास 5 से अधिक पशु है। सभी को नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय में एवं उन्नत पशु पालन की विधियों की जानकारी दी गई।
जिला स्तर पर ब्रीडर एसोसिएशन का गठन किया गया है। इसमें में 2 शासकीय सदस्य ( उपसंचालक एवं एबीपीओ ) और 5 अशासकीय सदस्य हैं। ब्रीडर एसोसिएशन की प्रथम बैठक 23 जनवरी को हो चुकी है। बैठक में च्च उत्पादकता वाली नस्लों के संवर्धन के लिए पशु पालकों को मंच देंगे। उन्नत नस्ल के 15 से 20 पशुओं को रखने वाले पशुपालकों को जोडऩे पर सहमति दी गई।
-दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना ।
-उन्नत नस्ल के पशुपालन को प्रोत्साहित करना ।
-पशु स्वास्थ्य एवं पशुपोषण पर विशेष ध्यान देना ।
-गोमुत्र एवं गोबर प्रबंधन ।
-हरे चारे का प्रबंधन ।
चयनित गांव पशुपालन
ग्राम पशु पालकों की संख्या
रुस्तमपुर 2734
बबई खुर्द 2330
पिपलोद खास 2935
अहमदपुर 2895
चिचगोहन 1648
रायपुर 1550
खारकला 1647
जामुन्याकला 1104
दुग्ध समृद्धि योजना के तहत दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पशु पालकों को अच्छी नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में 124 ग्रामों को सेचुरेट करने क्षीर धारा ग्राम के रूप में विकसित करने ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। सर्वे की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
Updated on:
18 Feb 2026 12:06 pm
Published on:
18 Feb 2026 12:05 pm
