संजय दुबे.खंडवा. रुपए किस बात के मांग रहे हो? प्रैक्टिकल में तुझे पास करने के! चार जॉब तूने नहीं किए हैं, इसके एवज में दो हजार लगेंगे। लिखित में देता हूं रुपए नहीं दिए तो तुझे फेल कर दूंगा। फोन लगा जिसको बुलाना है बुला। रोज जाता हूं कोतवाली हाजिरी लगाने, जो बनता है कर ले मेरा।
ये बातचीत किसी गुंडे और मवाली की नहीं है। बल्कि श्री परशुराम इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च आईटीआई कॉलेज के एडमिशन विभाग के बाबू मनोज कुशवाह, स्कालरशिप विभाग के बाबू हरिओम कुशवाह और आईटीआई सेकंड सेम के छात्र लीलाधर खंडेलवाल के बीच की है। ये सुनकर आप भी चौंक गए होंगे कि ये भाषा किसी कॉलेज के कर्मचारी की नहीं हो सकती है। ये घटनाक्रम शुक्रवार शाम 6 बजे आनंद नगर स्थित सरकारी आईटीआई कॉलेज में प्रैक्टिकल के दौरान का है। दरअसल परशुराम कॉलेज के छात्रों का प्रैक्टिकल शुक्रवार को सरकारी आईटीआई कॉलेज में था। यहां ये कथित बाबू परिसर में ही टेबल लगाकर छात्रों से रुपए वसूल रहे थे। मामले में कॉलेज प्राचार्या अंजली जैन से संपर्क किया तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।