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1901 के बाद 2025 अब तक का सबसे आठवां गर्म साल रहा, मौसम की वजह से हुई 2,760 मौतें

IMD Weather Report: साल 2025, 1901 के बाद से अब तक का आठवां सबसे गर्म साल रहा। मौसम की वजह से देश भर में 2,760 मौतें हुईं। पढ़ें IMD की रिपोर्ट

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भीषण गर्मी से जल जीवन प्रभावित (फोटो सोर्स- पत्रिका)

फोटो सोर्स- पत्रिका

IMD Weather Report: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल 2026 के पहले दिन 'भारत की जलवायु 2025' की रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार 2025 देश का 1901 से अब तक का आठवां सबसे गर्म साल रहा। साल 2025 में पूरे भारत का वार्षिक औसत भूमि सतह तापमान 1991-2020 के दीर्घकालिक औसत से 0.28 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

इस अवधि में पहले सबसे गर्म साल 2024 था। आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पिछले 16 वर्षों में शीर्ष 5 सबसे गर्म साल आए हैं, जो जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। लंबी अवधि में तापमान वृद्धि दर 100 वर्षों में 0.68 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।

मौसम में तापमान ऐसे बढ़ रहा

साल 2025 में सर्दी में 1.17 डिग्री सेल्सियस, प्री-मानसून में 0.29 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहा। इसमें फरवरी सबसे गर्म महीना (1.36 डिग्री सेल्सियस ज्यादा) रहा।

बारिश का यह रहा हाल

वार्षिक वर्षा लम्बी अवधि औसत का 110 प्रतिशत रही। जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून 108 प्रतिशत रहा। उत्तर-पश्चिम भारत में 127 प्रतिशत वर्षा हुई। पिछले सालों की तुलना में पूर्वोत्तर में कम बारिश।

चरम मौसम घटनाओं में 2,760 मौतें

भारी बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन, बिजली, आंधी और लू से कुल लगभग 2760 मौतें हुईं। बिजली व आंधी से 1,310 से ज्यादा, बाढ़-भूस्खलन से 1,370 से ज्यादा मौतें। सबसे ज्यादा प्रभाावित राज्य उत्तर प्रदेश (बिजली से 310), मध्य प्रदेश (190), महाराष्ट्र (210बाढ़ से), जम्मू-कश्मीर (155) रहे।