चालीस साल पुराना पंडित माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड का भवन जर्जर हो गया। छत, छज्जा और पोर्च का प्लास्ट तिल-तिल कर गिर रहा है। शनिवार की रात तीन बजे विश्राम कर रहे एक बुजुर्ग यात्री के ऊपर छत का प्लास्ट गिर गया। इसकी सूचना से अफरा-तफरी मच गई। आनन फानन में दुकानदारों की सहायता से बुजुर्ग को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बुजुर्ग यात्री गंभीर रूप से घायल है। बुुजुर्ग के सिर के साथ कई अन्य जगहों पर चोटें आई हैं।
40 साल पुराने बस स्टैंड का भवन जर्जर, दुकानदार भयभीत
रेलवे पुल के निकट वर्ष 1985 में बस स्टैंड भवन का निर्माण हुआ। चालीस साल से अधिक समय का भवन जर्जर हो गया है। निगम हर माह दुकानों से एक लाख रुपए से अधिक किराया वसूल रहा है। यहां तीस से अधिक दुकानें हैं। ऊपरी छोर पर रेस्टोरेंट भी है। छोटी-बड़ी दुकानों से दो से तीन हजार रुपए। रेस्टोरेंट का किराया अधिक है। बस स्टैंड पर सीमावर्ती जिले के साथ राज्यों के लिए बसें संचालित होती हैं।
सार्वजनिक टॉयलेट में 20 रुपए वसूल रहे, असंतोष
बस स्टैंड पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। परिसर में निगम का सार्वजनिक टॉयलेट है। उपयोग करने पर 20 रुपए लिया जाता हैै। रेट लिस्ट तक चस्पा नहीं है। आरोप है कि ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त की जगह 5 से 10 रुपए लिया जा रहा है। सूचना के बाद भी निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बस स्टैंड के जर्जर भवन की हो मरम्मत
लक्षमणदास बिनवानी-दुकान संचालक : स्टैंड का भवन चालीस साल पुराना हो गया। पिछले कई दिनों से छत का प्लास्ट टूट कर गिर रहा है। बारिश के दौरान छत गिरने की आशंका है। यहां हर समय यात्री और दुकानों पर ग्राहकों का आना जाना रहा है।
सलमान तवर-दुकान संचालक : रात छत के नीचे विश्राम कर रहे बुजुर्ग के ऊपर छत का प्लास्ट गिर गया। छत जर्जर हो गई है। कई जगहों पर प्लास्टर छोड़ दिया है। कमजोर छत से सरिया दिखने लगी है। मरम्मत होना चाहिए।