
झोपड़ी की आग में फंसा दिव्यांग, पत्नी और बच्चे तो बाहर आ गए लेकिन उसे नहीं ला पाए, फिर ऐसे बची जान
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में आने वाले ग्राम टेमी में मंगलवार साम को झोपड़ू नुमा मकान में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग लगने के दौरान कच्ची दीवारों से बने इस मकान में दिव्यांग और उसका परिवार मौजूद था। आग की लपटों से बचकर परिवार के अन्य सदस्य तो बाहर आ गए, लेकिन दिव्यांग को घर से बाहर लाने में सफल नहीं हो सके। इसी बीच मकान लगभग पूरी तरह आग की लपटों में घिर चुका था। आखिरकार ऐन वक्त पर सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए आसपास के ग्रामीणों ने मकान की पिछली दीवार तोड़कर दिव्यांग को आग की लपटों के बीच से बचाते हुए निकाला।
ग्राम टेमीकला में मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले दिव्यांग हरेराम पिता गोविंद के मकान में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि, आग शॉर्ट सक्रिट के कारण लगी हो सकती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
पहली बार में बच्चों को बाहर लाई थी पत्नी, फिर इसलिए वापस नहीं जा सकी
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस दौरान घर में आग भड़की तब हरेराम के अलावा उनकी पत्नी छाया, 11 वर्षीय बेटा आयुष और सात वर्षीय बेटा रोहन भी मौजूद था। पत्नी छाया ने पहली बार में किसी तरह बच्चों के साथ बाहर निकलकर खुद को बचा लिया। लेकिन, इससे पहले की वो पति को बचाने के लिए दौबारा अंदर जाती, आग की लपटों ने मकान के द्वार को भी पूरी तरह गेर लिया।
ग्रामीणों की हिम्मत और सूझबूझ से बची जान
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए मकान की दीवार तोड़ी और दिव्यांग हरेराम को बाहर निकाला। ग्रामीण सुनील शिंदे ने बताया कि घटना दमकल वाहन की मदद से आग पर काबू पाया गया। सूचना मिलने पर मौके पर पटवारी प्रतीक पारे पहुंचे। उन्होंने नुकसानी का आंकलन किया है। पीड़ित हरेराम ने बताया कि आग में पांच से छह क्विंटल अनाज सहित गृहस्थी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया है।
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Published on:
08 Jun 2022 10:43 am
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