6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Diwali- इन शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी पूजन, मिलेगा लाभ

-प्रदोष काल और निशीथकाल व्यापिनी अमावस्या में मनाया जाएगा पर्व-शुभ मुहूर्त में करे लक्ष्मी नारायण का पूजन -आचार्य मार्कण्डेय

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Oct 23, 2022

Diwali- इन शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी पूजन, मिलेगा लाभ

खंडवा. महालक्ष्मी माता मंदिर

खंडवा.
दीपावली पर्व सोमवार को मनाया जाएगा, इस बार दीपावली पर कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। विक्रम संवत् 2079 में कार्तिक कृष्ण अमावस्या दीपावली सोमवार सायंकाल 5.27 से आरंभ होकर मंगलवार को सायंकाल 04.18 तक विद्यमान रहेगी। हस्त, चित्रा नक्षत्र में वैधृति योग का संयोग सुखद रहेगा। ये दोनों नक्षत्र व्यापारी और उद्योगपति जगत को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।
मां शीतला संस्कृत पाठशाला के आचार्य अंकित मार्कण्डेय ने बताया कि दिवाली पर कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। आज प्रदोष काल और निशीथकाल व्यापिनी अमावस्या में यह पर्व मनाया जाएगा। वर्षों बाद इस बार चित्रा नक्षत्र युक्त दीपावली आईं हैं, जो समग्र राष्ट्र और समाज के लिए सुख समृद्धि लाने वाली सिद्ध होगी। दीपावली पर प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन का सर्वाधिक महत्व है। प्रदोषकाल गृहस्थियों और व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व रहता है, जिसमे पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है। निशीथकाल में भी विधि विधान से दीपावली पूजन करने से लक्ष्मी नारायण की कृपा सदा प्राप्त रहती है। प्रदोषकाल का अर्थ है दिन-रात्रि का संयोग। दिन विष्णुरूप और रात्रि लक्ष्मीरूपा है। प्रदोष काल के स्वामी भगवान सदाशिव स्वयं हैं। जो लोग प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन नहीं कर पाते हैं या विशेष सिद्धि के लिए लक्ष्मी पूजन करना चाहते हैं, वह रात में निशीथ काल में पूजा कर सकते है।
महालक्ष्मी मंदिर में आज रात होगा कौशांबा पूजन
श्री महालक्ष्मी माता मंदिर में छह दिवसीय दीनोत्सव मनाया जा रहा है। रविवार का यहां रूप चतुर्दशी पर विशेष पूजा अर्चना हुई। सोमवार को मुख्य दिवस अमावस्या पर प्रात: 5.30 बजे मंगला आरती, 6 बजे काकड़ आरती, 8.30 बजे शृंगार आरती होगी। 9 बजे महालक्ष्मी माता का कुमकुम पूजन होगा। रात 8 बजे महालक्ष्मी, गणेशजी व सरस्वती पूजन कर आतिशबाजी की जाएगी। यहां रात्रि 12.51 बजे से वर्ष में एक बार होने वाला दक्षिण भारतीय पद्धति से महालक्ष्मी माता का कौशांबा पूजन होगा, जो प्रात: 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान सहस्त्र अर्चन भी होगा। 25 अक्टूबर मंगलवार को खग्रास सूर्यग्रहण होने से प्रात: 4.23 बजे से मंदिर के पट बंद हो जाएंगे, जो शाम 6.32 बजे ग्रहण मुक्त होने के बाद खुलेंगे।
दीपावली पूजन मुहूर्त
प्रदोष काल मुहूर्त
05.53 से 08.23 शाम
वृषभ काल मुहूर्त
07.08 से 09.07शाम
निशीथ काल मुहूर्त
11.46 से 12.36 रात्रि
चौघडिया अनुसार..
प्रात: 06.28 से 07.53 अमृत
प्रात: 09.19 से 10.45 शुभ
दोपहर 01.37 से 03.03 चर
दोपहर 03.03 से 04.48 लाभ
सांय 05.54 से 07.28 चर
रात्रि 10.37 से 12.11 लाभ
रात्रि 01.45 से 03.20 शुभ
अभिजीत मुहूर्त
11.48 से 12.34 दोपहर
स्थिर लग्न मुहूर्त
वृश्चिक लग्न
08.17 से 10.33 प्रात:
कुंभ लग्न
02.25 से 03.57 दोपहर
वृषभ लग्न
7.08 से 906 सांय
सिंह लग्न
01.36 से 03.48 मध्य रात्रि